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जिंदा जलकर मौत: 30 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा कोई मंत्री...तो लोगों ने रेखा आर्या को मारा ताना; जानिए क्या बोला?

Sat, 15 Jun 2024 12:12 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 15 Jun 2024 12:12 PM IST
सार

अल्मोड़ा जिले की विधानसभा से विधायक व कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के भी पीड़ित परिवारों के घर नहीं पहुंचने और अस्पताल नहीं पहुंचने पर भी क्षेत्र के लोग नाराज हैं। 

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Anger among people when Cabinet Minister Rekha Arya did not reach the homes of people burnt due to forest fire
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अल्मोड़ा जिले की विधानसभा से विधायक व कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के भी पीड़ित परिवारों के घर नहीं पहुंचने और अस्पताल नहीं पहुंचने पर भी क्षेत्र के लोग नाराज हैं। इन लोगों का कहना है कि मंत्री न सही महिला होने के नाते तो रेखा आर्या को अपने जिले के लोगों का दर्द बांटने आना चाहिए था। बिनसर की आग में अपनों को खोने वाले लोग तो कुछ बोलने की स्थिति में ही नहीं हैं। गांव वाले नाराज हैं और बोले कि लगता है मंत्रियों और अधिकारियों की नजर में इन मौतों की कोई कीमत ही नहीं है। तभी तो पीड़ित परिवार के आंसू पोछने जिले की सोमेश्वर सीट से विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रेखा आर्या तक ने मातमपुरसी का तकल्लुफ नहीं उठाया। हल्द्वानी से पता चला है कि घायलों को देखने के लिए उन्हें एसटीएच आना था लेकिन एन वक्त पर अपना कार्यक्रम टाल दिया।

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बता दें कि, अल्मोड़ा के बिनसर अभयारण्य के जंगलों में लगी भीषण आग की चपेट में आकर चार कार्मिकों की असमय मौत हो गई। दर्दनाक हादसे के बाद पूरे अल्मोड़ा में मातम पसरा हुआ है लेकिन सरकार सिस्टम का जरा नजारा देखिए कि घटना के 30 घंटे बाद भी कोई मंत्री पीड़ित परिवारों के आसूं पोछने नहीं पहुंचा।

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इन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एसटीएच पहुंचकर  घायलों का जाना था हाल
बिनसर हादसे में घायल श्रमिकों के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के परिजनों से भेंट की और घायलों का हाल जाना। उन्होंने सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। शुक्रवार सुबह कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के बर्न वार्ड में तैनात चिकित्सकों से झुलसे श्रमिकों के बारे में जानकारी ली। बाद में उन्होंने झुलसे श्रमिकों से परिजनों से भी भेंट कर उन्हें दिलासा दिया।


इस दौरान उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगेश जोशी, हल्द्वानी के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेम पांडे, कानू बिष्ट, हिमांशु जोशी, पवन गयाल आदि थे। दोपहर 12:30 बजे डीएम वंदना सिंह भी एसटीएच पहुंचीं। उन्होंने बर्न वार्ड में भर्ती घायलों को देखा और अस्पताल में मिल रहे इलाज के बारे में जानकारी ली। बर्न वार्ड से बाहर आने के बाद डीएम ने घायलों के परिजनों से बातचीत कर घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम परितोष वर्मा, तहसीलदार सचिन कुमार आदि थे। 

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