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डिग्री कॉलेजों में सेमेस्टर के बजाय फिर वार्षिक परीक्षा होंगी
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:02 AM IST
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- फोटो : Getty
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डिग्री कॉलेजों में सेमेस्टर के बजाय फिर वार्षिक परीक्षा होंगी
हल्द्वानी।
उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धनसिह रावत ने कहा है कि सरकार जल्द ही उच्चशिक्षा में सेमेस्टर प्रणाली समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। इससे छात्र-छात्राओं के समय और धन की बर्बादी होती है। बीएड हो या अन्य पाठ्यक्रम सभी में सेमेस्टर के स्थान पर वार्षिक परीक्षाएं ही कराए जाने पर गंभीरता से विचार हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने सेमेस्टर व्यवस्था समाप्त कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि बीएड कॉलेजों में फीस की एकरूपता लाने के लिए समिति गठित होगी जो अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
सोमवार को सर्किट हाउस में कुमाऊं मंडल के निजी बीएड कॉलेज संचालकाें की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि बीएड कॉलेजों में फीस में एकरूपता लाने के लिए सरकार विचार कर रही है। ऐसे कॉलेज किसी भी छात्र से वर्ष में कुल शुल्क को चार किस्तों में जमा कराएंगे। साथ ही एक गरीब छात्र के लिए प्रत्येक कॉलेज नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था करेगा। उन्होंने कहा कि बीएड कॉलेजों की संबद्धता का नवीनीकरण अब तीन साल में होगा। मंत्री बीएड कॉलेजों को नसीहत भी दी कि वे अपने संस्थान में कार्यरत फैकल्टी को कम से कम 35 हजार वेतन दें। अब कुछ देने और कुछ दिखाने की प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्रों की कोचिंग के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पहली बार बजट मे 80 लाख का प्रावधान किया गया है। बीएड कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक बल्यूटिया, उपाध्यक्ष तरुण बंसल ने कॉलेज में काउंसलिंग, फ ीस की एकरूपता, गुणवत्ता, पोर्टल अपडेट करने संबधित अनेक सुझाव प्रस्तुत किए।
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बैठक में विधायक नवीन दुम्का, उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. डीसी पांडे, उच्चशिक्षा के उपनिदेशक डॉ. कमल पांडे, सहायक निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल, बीएड कॉलेज संचालक अशोक सिंह, योगेश तिवारी, देशराज, शंभूनाथ, दिव्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप विष्ट, अनिल डब्बू, चतुर सिंह बोरा आदि मौजूद थे।
पांच ज्ञान कुंभ होंगे
उच्चशिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पांच ज्ञान कुंभ आयोजित किए जाएंगे जिसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहला ज्ञान कुंभ सुदूरवर्ती माणा में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कॉलेज संचालकों से कहा कि छात्रों मे संस्कारों का समावेश करने के लिए प्रतिदिन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का आयोजन करें। कॉलेजों में परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य महापुरुषों के चित्रों को भी अंकित करें।
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हल्द्वानी।
उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धनसिह रावत ने कहा है कि सरकार जल्द ही उच्चशिक्षा में सेमेस्टर प्रणाली समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। इससे छात्र-छात्राओं के समय और धन की बर्बादी होती है। बीएड हो या अन्य पाठ्यक्रम सभी में सेमेस्टर के स्थान पर वार्षिक परीक्षाएं ही कराए जाने पर गंभीरता से विचार हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने सेमेस्टर व्यवस्था समाप्त कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि बीएड कॉलेजों में फीस की एकरूपता लाने के लिए समिति गठित होगी जो अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
सोमवार को सर्किट हाउस में कुमाऊं मंडल के निजी बीएड कॉलेज संचालकाें की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि बीएड कॉलेजों में फीस में एकरूपता लाने के लिए सरकार विचार कर रही है। ऐसे कॉलेज किसी भी छात्र से वर्ष में कुल शुल्क को चार किस्तों में जमा कराएंगे। साथ ही एक गरीब छात्र के लिए प्रत्येक कॉलेज नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था करेगा। उन्होंने कहा कि बीएड कॉलेजों की संबद्धता का नवीनीकरण अब तीन साल में होगा। मंत्री बीएड कॉलेजों को नसीहत भी दी कि वे अपने संस्थान में कार्यरत फैकल्टी को कम से कम 35 हजार वेतन दें। अब कुछ देने और कुछ दिखाने की प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्रों की कोचिंग के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पहली बार बजट मे 80 लाख का प्रावधान किया गया है। बीएड कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक बल्यूटिया, उपाध्यक्ष तरुण बंसल ने कॉलेज में काउंसलिंग, फ ीस की एकरूपता, गुणवत्ता, पोर्टल अपडेट करने संबधित अनेक सुझाव प्रस्तुत किए।
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बैठक में विधायक नवीन दुम्का, उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. डीसी पांडे, उच्चशिक्षा के उपनिदेशक डॉ. कमल पांडे, सहायक निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल, बीएड कॉलेज संचालक अशोक सिंह, योगेश तिवारी, देशराज, शंभूनाथ, दिव्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप विष्ट, अनिल डब्बू, चतुर सिंह बोरा आदि मौजूद थे।
पांच ज्ञान कुंभ होंगे
उच्चशिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पांच ज्ञान कुंभ आयोजित किए जाएंगे जिसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहला ज्ञान कुंभ सुदूरवर्ती माणा में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कॉलेज संचालकों से कहा कि छात्रों मे संस्कारों का समावेश करने के लिए प्रतिदिन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का आयोजन करें। कॉलेजों में परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य महापुरुषों के चित्रों को भी अंकित करें।