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सरकार को झटका, वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यपालक नियुक्त किये जाने की अधिसूचना पर रोक
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने समाज कल्याण के उप निदेशक रईस अहमद को वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यपालक नियुक्त करने की अधिसूचना को अगले आदेश तक स्थगित किया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने काठगोदाम जामा मस्जिद प्रबंधन कमेटी के प्रबंधक बासित खान की याचिका पर यह आदेश जारी किया। इसी तरह वक्फ बोर्ड में सदस्य पद पर नियुक्ति के मामले में खंडपीठ ने सरकार से जवाब मांगा है।
प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण के उपनिदेशक रईस अहमद को वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यपालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। याची का कहना था कि मुख्य कार्यपालक के पद की जिम्मेदारी उपसचिव या उससे उच्च श्रेणी स्तर के अधिकारी को ही सौंपी जा सकती है। यह वक्फ बोर्ड की धारा 123 का उल्लंघन है।
एक अन्य मामले में कलियर शरीफ रुड़की निवासी सूफी खलीक अहमद ने जनहित याचिका दायर कर वक्फ बोर्ड के सदस्य पद पर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राव शराफत की नियुक्ति को चुनौती दी थी।
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याचिका में कहा गया था कि सरकार पहले भी उनकी नियुक्ति को निरस्त कर चुकी है और फिर सरकार ने दोबारा उनकी नियुक्ति की। इस प्रकरण पर सुनवाई केे बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को जवाब देने को कहा है।
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प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण के उपनिदेशक रईस अहमद को वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यपालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। याची का कहना था कि मुख्य कार्यपालक के पद की जिम्मेदारी उपसचिव या उससे उच्च श्रेणी स्तर के अधिकारी को ही सौंपी जा सकती है। यह वक्फ बोर्ड की धारा 123 का उल्लंघन है।
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एक अन्य मामले में कलियर शरीफ रुड़की निवासी सूफी खलीक अहमद ने जनहित याचिका दायर कर वक्फ बोर्ड के सदस्य पद पर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राव शराफत की नियुक्ति को चुनौती दी थी।
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याचिका में कहा गया था कि सरकार पहले भी उनकी नियुक्ति को निरस्त कर चुकी है और फिर सरकार ने दोबारा उनकी नियुक्ति की। इस प्रकरण पर सुनवाई केे बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को जवाब देने को कहा है।