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परिवहन मंत्री की घोषणाओं के स्टार्ट होने का इंतजार
Updated Mon, 10 Dec 2018 01:28 AM IST
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हल्द्वानी। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य का नई बसों के खरीद से लेकर परिवहन विभाग के पुनर्गठन की व्यवस्था कर दूरस्थ क्षेत्रों में चेकिंग का काम करने समेत कई घोषणाओं को पूरा होने का इंतजार है। घोषणा हुएमहीनों गुजर चुके हैं, पर मामला फाइलों और आदेशों से आगे नहीं बढ़ सका है।
धूमाकोट बस हादसा जुलाई में हुआ था। इसके बाद वाहनों की चेकिंग समेत दूसरे काम बेहतर ढंग से करने के लिए परिवहन विभाग के पुनर्गठन की बात परिवहन मंत्री ने कही थी। मंत्री आर्य का कहना था कि जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा लेकिन मामला जस का तस है। इसी तरह बसों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की गई। यह काम भी पूरा नहीं हो सका। वाहन स्वामियों की उत्तराखंड में वाहन संचालन के लिए मिलने वाले परमिट के लिए देहरादून स्थित परिवहन मुख्यालय जाने की बाध्यता को खत्म कर आरटीओ लेवल पर जारी करने की व्यवस्था करने की बात कही थी। इसे भी लागू नहीं किया जा सका है। साथ ही आईएसबीटी बनाना तो दूर की बात है, अभी उसकेस्थान को लेकर भी धुंध ही पूरी तरह छंटी नहीं है।
सरकारी निजाम का हाल
परिवहन मंत्री की घोषणाओं के ‘स्टार्ट’ होने का इंतजार
महीनों गुजर गए, मामला फाइलों में अटका हुआ
परिवहन विभाग के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार है। इसे कैबिनेट में रखा जाएगा। आईएसबीटी का निर्माण भी तीनपानी के पास किया जाएगा। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग के पास प्रस्ताव भेजा गया है।
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- यशपाल आर्य, परिवहन मंत्री
यह थी घोषणाएं
- आईएसबीटी का निर्माण
- परिवहन विभाग का पुनर्गठन
- रोडवेज में नई बसों की खरीद
- आरटीओ कार्यालय से ही आल स्टेट के परमिट जारी होना
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धूमाकोट बस हादसा जुलाई में हुआ था। इसके बाद वाहनों की चेकिंग समेत दूसरे काम बेहतर ढंग से करने के लिए परिवहन विभाग के पुनर्गठन की बात परिवहन मंत्री ने कही थी। मंत्री आर्य का कहना था कि जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा लेकिन मामला जस का तस है। इसी तरह बसों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की गई। यह काम भी पूरा नहीं हो सका। वाहन स्वामियों की उत्तराखंड में वाहन संचालन के लिए मिलने वाले परमिट के लिए देहरादून स्थित परिवहन मुख्यालय जाने की बाध्यता को खत्म कर आरटीओ लेवल पर जारी करने की व्यवस्था करने की बात कही थी। इसे भी लागू नहीं किया जा सका है। साथ ही आईएसबीटी बनाना तो दूर की बात है, अभी उसकेस्थान को लेकर भी धुंध ही पूरी तरह छंटी नहीं है।
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सरकारी निजाम का हाल
परिवहन मंत्री की घोषणाओं के ‘स्टार्ट’ होने का इंतजार
महीनों गुजर गए, मामला फाइलों में अटका हुआ
परिवहन विभाग के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार है। इसे कैबिनेट में रखा जाएगा। आईएसबीटी का निर्माण भी तीनपानी के पास किया जाएगा। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग के पास प्रस्ताव भेजा गया है।
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- यशपाल आर्य, परिवहन मंत्री
यह थी घोषणाएं
- आईएसबीटी का निर्माण
- परिवहन विभाग का पुनर्गठन
- रोडवेज में नई बसों की खरीद
- आरटीओ कार्यालय से ही आल स्टेट के परमिट जारी होना