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वनों को आग से बचाने के लिए 19.79 करोड़ मंजूर
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:32 AM IST
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नैनीताल के जंगल में लगी आग से सड़क किनारे चिंगारी उठने लगी।
- फोटो : Amar ujala
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नैनीताल। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने बृहस्पतिवार को वनाग्नि प्रबंधन समिति की बैठक ली। इसमें उन्होंने कहा कि जाड़े में बहुत कम वर्षा हुई है। ऐसे में वनाग्नि की आशंका बढ़ गई है। इससे बचने के लिए सभी से वनों को आग से बचाने की अपील की। डीएम ने कहा कि अग्निरेखा इसी माह साफ कर ली जाए ताकि गर्मी में होने वाली क्षति को कम किया जा सके। वनाग्नि नियंत्रण और रोकथाम के लिए समिति ने 19.79 करोड़ रुपये मंजूर किए।
डीएम ने बताया कि जिले का करीब 70 प्रतिशत भाग वनाच्छादित है। वनाग्नि से संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर उनमें पैनी नजर रखी जाए। सड़क किनारों से पैदल मार्ग, बटिया किनारों से पिरूल, घास आदि हटाया जाए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकने के लिए गांवों, स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। विभागीय तालमेल बढ़ाएं। वन पंचायतों, ग्रामीण संगठनों आदि को जागरूक करते वनाग्नि रोकें। बैठक में नोडल डीएफओ धरम सिंह मीणा ने कहा कि वनाग्नि के नियंत्रण, रोकथाम की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के आठ वन प्रभागों में 238 क्रू स्टेशन स्थापित किए गए हैं। कंट्रोल फायर एवं फायर लाइन काटने का कार्य किया जा रहा है। सभी वन प्रभागों के पास त्वरित सूचना देने हेतु 114 संचार बेस स्टेशन स्थापित हैं। 449 हैंडसेट, 35 मोबाइल वायरल सैट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की सूचना जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077, मास्टर कंट्रोल रूम 05942-236790, वाट्सएप नंबर 7893369148 पर दी जा सकती है। बैठक में एएसपी हरीश चंद्र सती, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला, एसडीएम प्रमोद कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सौरभ गहरवार, डीएफओ डीके सिंह, एसडीएम दिनकर तेवाड़ी, प्रकाश आर्या, यूसी तिवारी, केएन भारती, एसीएमओ डॉ. टीके टम्टा, आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार, एई लोनिवि प्रकाश चंद्र उप्रेती, विवेक कुमार आदि थे।
वनों को आग से बचाने के लिए जनसहयोग जरूरी
अग्निरेखा इसी माह साफ कर ली जाए : डीएम
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डीएम ने बताया कि जिले का करीब 70 प्रतिशत भाग वनाच्छादित है। वनाग्नि से संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर उनमें पैनी नजर रखी जाए। सड़क किनारों से पैदल मार्ग, बटिया किनारों से पिरूल, घास आदि हटाया जाए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकने के लिए गांवों, स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। विभागीय तालमेल बढ़ाएं। वन पंचायतों, ग्रामीण संगठनों आदि को जागरूक करते वनाग्नि रोकें। बैठक में नोडल डीएफओ धरम सिंह मीणा ने कहा कि वनाग्नि के नियंत्रण, रोकथाम की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के आठ वन प्रभागों में 238 क्रू स्टेशन स्थापित किए गए हैं। कंट्रोल फायर एवं फायर लाइन काटने का कार्य किया जा रहा है। सभी वन प्रभागों के पास त्वरित सूचना देने हेतु 114 संचार बेस स्टेशन स्थापित हैं। 449 हैंडसेट, 35 मोबाइल वायरल सैट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की सूचना जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077, मास्टर कंट्रोल रूम 05942-236790, वाट्सएप नंबर 7893369148 पर दी जा सकती है। बैठक में एएसपी हरीश चंद्र सती, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला, एसडीएम प्रमोद कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सौरभ गहरवार, डीएफओ डीके सिंह, एसडीएम दिनकर तेवाड़ी, प्रकाश आर्या, यूसी तिवारी, केएन भारती, एसीएमओ डॉ. टीके टम्टा, आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार, एई लोनिवि प्रकाश चंद्र उप्रेती, विवेक कुमार आदि थे।
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अग्निरेखा इसी माह साफ कर ली जाए : डीएम