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यशपाल और गजराज के गांव भी शामिल होंगे नगर निगम में
Updated Wed, 06 Dec 2017 02:26 AM IST
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हल्द्वानी। ग्राम सभाओं के विरोध, भाजपा और जिला प्रशासन में लग रहे आरोप के बाद शासन बैकफुट में आया है। अब शासन ने परिवहन मंत्री यशपाल आर्य और भाजपा महामंत्री नेता गजराज बिष्ट के गांवों समेत तीन गांवों को नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा है। समिति ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अब नगर निगम में शामिल होने वाले गांवों की संख्या 33 से बढ़कर 36 हो जाएगी।
शासन ने नगर निगम में 52 गांव को शामिल करने के लिए आपत्तियां मांगी थी। आपत्तियों के निस्तारण के लिए बनी समिति ने आपत्तियों का निस्तारण कर 31 गांव को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद मेयर जोगेंद्र रौतेला ने ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट और एक अन्य गांव को नगर निगम की सीमा में शामिल करने के लिए देहरादून में डेरा डाल दिया था। मेयर के दबाव में शासन ने दो गांव का प्रस्ताव और बनाकर भेजने का मौखिक आदेश जिला प्रशासन को दिया था। इसके बाद प्रशासन ने ब्लॉक प्रमुख के गांव हरिपुर नायक और जयदेवपुर का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था।
इसके बाद कांग्रेस के ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद ने आरोप लगाए थे कि भाजपा ने यशपाल आर्य और भाजपा के प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट का गांव दबाव में छोड़ दिया गया। जबकि उनके वहां कृषि भूमि उनके गांव से कम है। साथ ही धमकी दी थी कि अगर उनके गांव को नगर निगम में शामिल किया गया तो वह हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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सूत्रों की मानें तो इस आरोप से बचने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को मौखिक आदेश देते हुए तीन गांव और शामिल करने को कहा है। इन गांव में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और भाजपा के प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट का गांव भी है। शासन से मौखिक आदेश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने छड़ायल नायक, छड़ायल सुयाल और छड़ायल नयाबाद गांव को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। उधर, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का कहना है कि इस मामले में वे कोई टिप्पणी करना नहीं चाहेंगी।
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शासन ने नगर निगम में 52 गांव को शामिल करने के लिए आपत्तियां मांगी थी। आपत्तियों के निस्तारण के लिए बनी समिति ने आपत्तियों का निस्तारण कर 31 गांव को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद मेयर जोगेंद्र रौतेला ने ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट और एक अन्य गांव को नगर निगम की सीमा में शामिल करने के लिए देहरादून में डेरा डाल दिया था। मेयर के दबाव में शासन ने दो गांव का प्रस्ताव और बनाकर भेजने का मौखिक आदेश जिला प्रशासन को दिया था। इसके बाद प्रशासन ने ब्लॉक प्रमुख के गांव हरिपुर नायक और जयदेवपुर का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था।
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इसके बाद कांग्रेस के ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद ने आरोप लगाए थे कि भाजपा ने यशपाल आर्य और भाजपा के प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट का गांव दबाव में छोड़ दिया गया। जबकि उनके वहां कृषि भूमि उनके गांव से कम है। साथ ही धमकी दी थी कि अगर उनके गांव को नगर निगम में शामिल किया गया तो वह हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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सूत्रों की मानें तो इस आरोप से बचने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को मौखिक आदेश देते हुए तीन गांव और शामिल करने को कहा है। इन गांव में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और भाजपा के प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट का गांव भी है। शासन से मौखिक आदेश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने छड़ायल नायक, छड़ायल सुयाल और छड़ायल नयाबाद गांव को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। उधर, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का कहना है कि इस मामले में वे कोई टिप्पणी करना नहीं चाहेंगी।