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अब जीएसटी में आईटीसी की ब्याज सहित होगी वसूली
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:49 AM IST
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GST
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हल्द्वानी। बोगस कंपनियों ने टैक्स देने में आनाकानी की तो इनसे खरीद करने वाली कंपनियों को ब्याज सहित आईटीसी वापस देना होगा। जीएसटी समिति बोगस कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
राज्य कर विभाग की माने तो बोगस कंपनियां फर्जीवाड़ा कर आईटीसी हड़प लेती है। ऐसी कंपनियां खरीद फरोख्त करने वाली कंपनियों से टैक्स लेती हैं लेकिन समय से रिटर्न, टैक्स नहीं भरती है। वहीं बोगस कंपनियों से खरीद करने वाली कंपनियां भी आईटीसी क्लेम कर लेती है। इधर जीएसटी में संशोधन किये जा रहे हैं। इसमें बोगस कंपनियाें ने टैक्स जमा नहीं करती है तब इनसे खरीद करने वाली कंपनियों से आईटीसी वापस लिया जाएगा। इतना ही नहीं कंपनियों को आईटीसी भुगतान लेने से वापस करने की अवधि तक का 18 फीसदी की दर से ब्याज भी देना होगा। इस सुधार को लेकर अधिकारियों, अधिवक्ताओं, सीए, सीएस के सुझाव मांगे गए हैं।
रजिस्ट्रेशन भी हो सकता है रद्द
जीएसटी ने संशोधन में राज्य कर अधिकारियों को सशक्त किया है। राज्य कर अधिकारी जीएसटी पोर्टल पर बोगस कंपनियों की निगरानी कर सकते हैं। साथ ही ऐसी कंपनी के पैन कार्ड ब्लाक कर रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर सकते हैं।
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जीएसटी ने कई संशोधन किये हैं। इसी में बोगस कंपनियाें ने दायित्व पूरा नहीं किया तो खरीद करने वाली कंपनियों को ब्याज समेत आईटीसी वापस करना होगा।
- विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर विभाग
बोगस कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए जीएसटी का प्रशंसनीय सुधार है, बस इसको सख्ती से लागू करने की जरूरत है।
- सुमित गुप्ता, जीएसटी एडवोकेट
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राज्य कर विभाग की माने तो बोगस कंपनियां फर्जीवाड़ा कर आईटीसी हड़प लेती है। ऐसी कंपनियां खरीद फरोख्त करने वाली कंपनियों से टैक्स लेती हैं लेकिन समय से रिटर्न, टैक्स नहीं भरती है। वहीं बोगस कंपनियों से खरीद करने वाली कंपनियां भी आईटीसी क्लेम कर लेती है। इधर जीएसटी में संशोधन किये जा रहे हैं। इसमें बोगस कंपनियाें ने टैक्स जमा नहीं करती है तब इनसे खरीद करने वाली कंपनियों से आईटीसी वापस लिया जाएगा। इतना ही नहीं कंपनियों को आईटीसी भुगतान लेने से वापस करने की अवधि तक का 18 फीसदी की दर से ब्याज भी देना होगा। इस सुधार को लेकर अधिकारियों, अधिवक्ताओं, सीए, सीएस के सुझाव मांगे गए हैं।
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रजिस्ट्रेशन भी हो सकता है रद्द
जीएसटी ने संशोधन में राज्य कर अधिकारियों को सशक्त किया है। राज्य कर अधिकारी जीएसटी पोर्टल पर बोगस कंपनियों की निगरानी कर सकते हैं। साथ ही ऐसी कंपनी के पैन कार्ड ब्लाक कर रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर सकते हैं।
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जीएसटी ने कई संशोधन किये हैं। इसी में बोगस कंपनियाें ने दायित्व पूरा नहीं किया तो खरीद करने वाली कंपनियों को ब्याज समेत आईटीसी वापस करना होगा।
- विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर विभाग
बोगस कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए जीएसटी का प्रशंसनीय सुधार है, बस इसको सख्ती से लागू करने की जरूरत है।
- सुमित गुप्ता, जीएसटी एडवोकेट