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दिल्ली से सीधे खाते में पहुंचेगी मनरेगा मजदूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 11 Apr 2016 08:37 PM IST
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शीघ्र ही बच्चों के बैंक खाते में आरटीजीएस से स्कॉलरशिप की राशि जमा होगी।
मनरेगा मजदूरी में घपलेबाजी रोकने के लिए केंद्र ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स फंड मैनेजमेंट सिस्टम (एनईएफएमएस) लागू कर दिया है। इसके तहत अब केंद्र सरकार सीधे जॉबकार्ड धारकों के खाते में मजदूरी का पैसा डालेगी। पहले चरण में उत्तराखंड-यूपी समेत 11 राज्यों में इस सिस्टम को लागू किया गया है।
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अब राज्य और जिलास्तर के अधिकारियों के हाथ में मनरेगा संबंधी लेनदेन का अधिकार नहीं रह गया है। नई वित्तीय प्रणाली लागू करने के साथ ही केंद्र ने उत्तराखंड के जॉबकार्ड धारकों के खाते में 141.88 करोड़ की पहली किस्त भी जारी की है।
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नहीं लगाने पड़ेगे अब विभाग के चक्कर
पहले तक मनरेगा की मजदूरी का पैसा केंद्र सरकार राज्य के खाते डालती था। राज्य सरकार की ओर से जिला प्रशासन और प्रशासन की ओर से पंचायतों को पैसा भेजा जाता था। लेकिन कई राज्यों में शिकायतें मिल रही थी कि मनरेगा मजदूरी में बड़े पैमाने पर घपलेबाजी हो रही है।
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इसको देखते हुए अब केंद्र सरकार ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स फंड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार के मुताबिक बजट राज्य सरकार को न देकर केंद्र सरकार लाभार्थी के बैंक खाते में भेजेगी।
इससे जहां योजना में और पारदर्शिता लाई जा सकेगी, वहीं जॉबकार्ड धारकों को अपनी मजदूरी के लिए ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।