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गुलदारों की खाल के मामले में एक और गिरफ्तारी
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Wed, 23 Mar 2016 09:50 PM IST
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थलीसैण के जंगलों में गुलदारों को मौत के घाट उताकर उनकी खाल और हड्डी की तस्करी करने के मामले में वन विभाग ने एक और को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। इस मामले में वन विभाग तीन लोगों को पहले भी गिरफ्तार कर चुका है।
26 जनवरी की शाम को कोटद्वार पुलिस ने वन्य जीव तस्करों के एक गिरोह को दबोचकर उनसे गुलदारों की सात खालें बरामद की थी। इस घटना के बाद हरकत में आए वन विभाग ने 28 जनवरी को चाकीसैण तहसील के कई गांवों में छापा मारकर छह लोगों को हिरासत में लेकर उनके पूछताछ की थी।
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पांच मार्च को वन विभाग की टीम ने इस मामले में दो नाबालिगों समेत तीन को गिरफ्तार किया था। गढ़वाल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चंद्र ने बताया उस दौरान विभाग की ओर गिरफ्तार किए गए नाबालिगों से हुई पूछताछ में बताया था कि उन्होंने गुलदार की खाल को चाकीसैण तहसील के डुंगरी मल्ली गांव निवासी राजन पुत्र श्रीपाल को बेची थी। राजन ने उनसे खरीदी गई इस खाल को तस्करों के गिरोह में शामिल पंकज को बेचा था।
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डीएफओ ने बताया कि इस मामले में थलीसैण के सहायक प्रभागीय वनाधिकारी सुबोध काला और पैठाणी के रेंजर लोहनी ने राजन को मंगलवार को चाकीसैण से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत मुकदमा करते हुए उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।