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पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास, पांच हजार जुर्माना
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:41 PM IST
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कोटद्वार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह की अदालत ने पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। घटना इसी साल 11 अप्रैल को कोटद्वार से सटे काशीरामपुर मल्ला गांव में हुई थी। पड़ोसी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता नसीम बेग ने बताया कि इसी साल 11 अप्रैल को काशीरामपुर मल्ला गांव में पड़ोसी संजय नेगी की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने संगीत नेगी उर्फ डब्बू पुत्र सतेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। संगीत काशीरामपुर मल्ला स्थित अपने घर पर पत्नी आरती और दो बच्चों के साथ रहता था। वह टैक्सी चालक है और तब कई दिनों से काम पर नहीं जा रहा था। विवेचना में यह बात सामने आई कि संगीत अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। घटना वाले दिन उनकी सुबह की चाय बनाने को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद संगीत ने कपड़े काटने की कैंची से गोदकर आरती की निर्मम हत्या कर दी। संगीत ने कैंची से आरती के शरीर पर 28 से अधिक गहरे जख्म किए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्यारोपी संगीत नेगी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कैंची भी बरामद कर ली थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलील और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने हत्यारोपी पति को दोषसिद्ध पाते हुए उसे आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उसे एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भोगना होगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता नसीम बेग ने बताया कि इसी साल 11 अप्रैल को काशीरामपुर मल्ला गांव में पड़ोसी संजय नेगी की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने संगीत नेगी उर्फ डब्बू पुत्र सतेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। संगीत काशीरामपुर मल्ला स्थित अपने घर पर पत्नी आरती और दो बच्चों के साथ रहता था। वह टैक्सी चालक है और तब कई दिनों से काम पर नहीं जा रहा था। विवेचना में यह बात सामने आई कि संगीत अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। घटना वाले दिन उनकी सुबह की चाय बनाने को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद संगीत ने कपड़े काटने की कैंची से गोदकर आरती की निर्मम हत्या कर दी। संगीत ने कैंची से आरती के शरीर पर 28 से अधिक गहरे जख्म किए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्यारोपी संगीत नेगी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कैंची भी बरामद कर ली थी।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलील और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने हत्यारोपी पति को दोषसिद्ध पाते हुए उसे आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उसे एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भोगना होगा।
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