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हाईकोर्ट के आदेश पर रुका कण्वाश्रम में झील और पार्क का निर्माण
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कण्वाश्रम (कोटद्वार)। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर पर्यटन विभाग ने कण्वाश्रम में निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजना का काम रोक दिया है। एडीबी सहायतित इस परियोजना की कार्यदायी एजेंसी ने बुधवार को मौके से तामझाम समेट लिया है। गत 17 दिसंबर को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और वन पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने इसका शिलान्यास कर काम शुरू करवाया था।
कोटद्वार से करीब 16 किमी दूर हिमालय की तलहटी में बसे कण्वाश्रम में एडीबी सहायतित पर्यटन संरचना, विकास, निवेश कार्यक्रम के तहत 25 करोड़ रुपये की लागत से कण्वाश्रम पर्यटन विकास परियोजना पर काम चल रहा था। परियोजना के तहत कण्वाश्रम को राष्ट्रीय तीर्थ और राष्ट्रीय धरोहर के रुप में विकसित करने के लिए यहां राजा भरत की 40 फीट और महर्षि कण्व की 25 फीट की आदमकद प्रतिमा, वैदिक गांव, झील, म्यूजियम, शकुंतला उद्यान, थियेटर, वाटर स्क्रीन शो बनाने के लिए मालन नदी के तट पर रिटेनिंग प्रोटेक्शन वाल का निर्माण कार्य चल रहा था। इस बीच कोटद्वार निवासी किशन सिंह नेगी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर कण्वाश्रम में मालन नदी में बन रहे पार्क और झील से तटीय इलाकों के लिए खतरा बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई से पूर्व सरकार और पर्यटन विभाग को धरातलीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। सरकार और पर्यटन विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद हाईकोर्ट ने 25 मार्च को पार्क और झील के निर्माण पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
पर्यटन विभाग के अपर कार्यक्रम निदेशक पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर पर्यटन विभाग की कार्यदायी एजेंसी ने बुधवार से निर्माण कार्य रोकते हुए मौके से तामझाम समेट लिया है।
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कोटद्वार से करीब 16 किमी दूर हिमालय की तलहटी में बसे कण्वाश्रम में एडीबी सहायतित पर्यटन संरचना, विकास, निवेश कार्यक्रम के तहत 25 करोड़ रुपये की लागत से कण्वाश्रम पर्यटन विकास परियोजना पर काम चल रहा था। परियोजना के तहत कण्वाश्रम को राष्ट्रीय तीर्थ और राष्ट्रीय धरोहर के रुप में विकसित करने के लिए यहां राजा भरत की 40 फीट और महर्षि कण्व की 25 फीट की आदमकद प्रतिमा, वैदिक गांव, झील, म्यूजियम, शकुंतला उद्यान, थियेटर, वाटर स्क्रीन शो बनाने के लिए मालन नदी के तट पर रिटेनिंग प्रोटेक्शन वाल का निर्माण कार्य चल रहा था। इस बीच कोटद्वार निवासी किशन सिंह नेगी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर कण्वाश्रम में मालन नदी में बन रहे पार्क और झील से तटीय इलाकों के लिए खतरा बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई से पूर्व सरकार और पर्यटन विभाग को धरातलीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। सरकार और पर्यटन विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद हाईकोर्ट ने 25 मार्च को पार्क और झील के निर्माण पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
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पर्यटन विभाग के अपर कार्यक्रम निदेशक पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर पर्यटन विभाग की कार्यदायी एजेंसी ने बुधवार से निर्माण कार्य रोकते हुए मौके से तामझाम समेट लिया है।
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