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भारी बारिश से कुंभीचौड़ में दो मकान क्षतिग्रस्त, सहमे रहे लोग
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार। बृहस्पतिवार देर रात तक हुई मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर रहीं। भारी बारिश से कुंभीचौड़ में दो आवासीय भवनों की दीवारें ढह गईं। मकान के टूटने की आशंका के चलते यहां रह रहे लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागे, जिससे उनकी जान बच गई। बलभद्रपुर गांव में चाहरदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई। बारिश से क्षेत्र की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पनियाली गदेरे के किनारे बसे लोग घर छोड़कर भाग गए।
बृहस्पतिवार शाम चार बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश देर रात तक जारी रही। क्षेत्र में 50 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई। बारिश से कुंभीचौड़ निवासी सोहन सिंह पुत्र पंचम सिंह और उसके भाई मोहन सिंह के मकानों की दीवारें ढह गईं। सोहन सिंह ने बताया कि उनका बेटा संजय कमरे में सोया हुआ था। मलबे में पंखा, आलमारी, बेड, बक्सा समेत सारा सामान नष्ट हो गया। मोहन सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी देवेश्वरी के साथ कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे, तभी उनके पुश्तैनी मकान की दीवार ढह गई। कुंभीचौड़ में जामुन स्रोत से लगी सड़क का पुश्ता ढहने से मार्ग बाधित हो गया है। ग्रामीण सुशीला देवी, अनीता देवी व आशा देवी ने बताया कि पुश्ते का आधा हिस्सा 25 अगस्त को आई आपदा में ढह गया था। पुश्ते का बचा हिस्सा भी जामुनस्रोत में आई बाढ़ में बह गया। बलभद्रपुर गांव में बाढ़ के पानी से धर्मेंद्र जदली की चाहरदीवारी ढह गई।
फोटो
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बृहस्पतिवार शाम चार बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश देर रात तक जारी रही। क्षेत्र में 50 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई। बारिश से कुंभीचौड़ निवासी सोहन सिंह पुत्र पंचम सिंह और उसके भाई मोहन सिंह के मकानों की दीवारें ढह गईं। सोहन सिंह ने बताया कि उनका बेटा संजय कमरे में सोया हुआ था। मलबे में पंखा, आलमारी, बेड, बक्सा समेत सारा सामान नष्ट हो गया। मोहन सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी देवेश्वरी के साथ कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे, तभी उनके पुश्तैनी मकान की दीवार ढह गई। कुंभीचौड़ में जामुन स्रोत से लगी सड़क का पुश्ता ढहने से मार्ग बाधित हो गया है। ग्रामीण सुशीला देवी, अनीता देवी व आशा देवी ने बताया कि पुश्ते का आधा हिस्सा 25 अगस्त को आई आपदा में ढह गया था। पुश्ते का बचा हिस्सा भी जामुनस्रोत में आई बाढ़ में बह गया। बलभद्रपुर गांव में बाढ़ के पानी से धर्मेंद्र जदली की चाहरदीवारी ढह गई।
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