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फर्जी वसीयत बनाकर बेच दिया आश्रम
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लंदन की एक महिला ने फर्जी वसीयत के आधार पर आश्रम बेचने के मामले में एक महिला और बेटे व एक अन्य आरोपी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
कोर्ट को दिए प्रार्थना पत्र में मीनाक्षी उर्फ मोना पत्नी सुधीर छनियारा निवासी बैगवार्थ रोड हरोव मीडिलेक्स लंदन हाल निवासी श्रीनिवास गली नंबर 28 शिवाजी नगर बापू ग्राम ऋषिकेश ने बताया कि वह पिछले 28 वर्ष से नवज्योति आश्रम सप्तऋषि के परमाध्यक्ष स्वामी पंचदेवानंद से जुड़ी हुई थी। संत के प्रति आस्था होने पर उसने अपने परिचितों की मदद से आश्रम में सुविधाएं जुटाने के लिए मदद भी की थी। आश्रम की देख रेख के लिए नेपाली मूल की महिला सुषमा और उसके बेटे दिपिन को रखा था। इसी बीच स्वामी पंचदेवानंद ब्रह्मलीन हो गए। वह कुछ दिन के लिए लंदन चली गई। लौटने पर पता चला कि दिपिन, उसकी मां और एक अन्य परिचित रमन ने एक वसीयत के दम पर आश्रम को एक करोड़ की कीमत में हरिबल्लभ शास्त्री को बेच दिया। आरोप है कि जब वह अपने परिचितों के साथ मां बेटे से विरोध दर्ज कराने पहुंची तो उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि फर्जी वसीयत के दम पर धोखाधड़ी कर मां बेटे ने आश्रम को बेचा है। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस संबंध में प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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कोर्ट को दिए प्रार्थना पत्र में मीनाक्षी उर्फ मोना पत्नी सुधीर छनियारा निवासी बैगवार्थ रोड हरोव मीडिलेक्स लंदन हाल निवासी श्रीनिवास गली नंबर 28 शिवाजी नगर बापू ग्राम ऋषिकेश ने बताया कि वह पिछले 28 वर्ष से नवज्योति आश्रम सप्तऋषि के परमाध्यक्ष स्वामी पंचदेवानंद से जुड़ी हुई थी। संत के प्रति आस्था होने पर उसने अपने परिचितों की मदद से आश्रम में सुविधाएं जुटाने के लिए मदद भी की थी। आश्रम की देख रेख के लिए नेपाली मूल की महिला सुषमा और उसके बेटे दिपिन को रखा था। इसी बीच स्वामी पंचदेवानंद ब्रह्मलीन हो गए। वह कुछ दिन के लिए लंदन चली गई। लौटने पर पता चला कि दिपिन, उसकी मां और एक अन्य परिचित रमन ने एक वसीयत के दम पर आश्रम को एक करोड़ की कीमत में हरिबल्लभ शास्त्री को बेच दिया। आरोप है कि जब वह अपने परिचितों के साथ मां बेटे से विरोध दर्ज कराने पहुंची तो उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि फर्जी वसीयत के दम पर धोखाधड़ी कर मां बेटे ने आश्रम को बेचा है। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस संबंध में प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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