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संस्कृत विवि को केंद्रीय विवि बनाने के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा
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हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार को भेजा गया है। विश्वविद्यालय की विद्या परिषद के बाद कार्य परिषद् में भी संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने संबंधी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास किया गया। प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजेगी।
मंगलवार को उत्तराखंड संस्कृत विवि में कुलपति प्रो. देेवी प्रसाद त्रिपाठी ने पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की कोशिशों से देश के तीन डीम्ड विश्वविद्यालय राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ नई दिल्ली और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी, कुलानुशासक डॉ. मनोज किशोर पंत, डॉ. धीरज शुक्ला, मनोज कुमार गहतोड़ी आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को उत्तराखंड संस्कृत विवि में कुलपति प्रो. देेवी प्रसाद त्रिपाठी ने पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की कोशिशों से देश के तीन डीम्ड विश्वविद्यालय राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ नई दिल्ली और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी, कुलानुशासक डॉ. मनोज किशोर पंत, डॉ. धीरज शुक्ला, मनोज कुमार गहतोड़ी आदि मौजूद थे।
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