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डेढ़ महीने से गर्भवतियों की नहीं हो रही जांच
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालढांग के लैब टेक्नीशियन का तबादला होने से डेढ़ माह से गर्भवती महिलाओं समेत किसी भी तरह के मरीज की जांच नहीं हो रही है। गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए हरिद्वार के जिला महिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
लालढांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण गर्भवती महिलाओं को ध्यान में रखते हुए की गई थी। गर्भवती महिलाओं की खून और मलेरिया, टायफाइड मरीजों की जांच करने की सुविधा है। डेढ़ महीने पहले अस्पताल में लैब टेक्नीशियन का हरिद्वार टीवी सेंटर में ट्रांसफर कर दिया गया था। जिसके चलते स्वास्थ्य केंद्र पर अब खून की जांच नहीं हो रही।
श्यामपुर, पीली पडाव, टाटवाला, गुज्जर बस्ती, गैंडीखाता, रसूलपुर मीठीबेरी की महिलाओं के प्रसव लालढांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही होते हैं। जांच के लिए अब उन्हें हरिद्वार जाना पड़ रहा है। आशा सुपरवाइजर सतेश्वरी रावत ने बताया कि लैब बंद होने से गर्भवती महिलाओं की जांच समय पर नहीं हो रही है। उधर, केंद्र प्रभारी किशन सिंह चौहान का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को इस बाबत अवगत कर दिया है।
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लालढांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण गर्भवती महिलाओं को ध्यान में रखते हुए की गई थी। गर्भवती महिलाओं की खून और मलेरिया, टायफाइड मरीजों की जांच करने की सुविधा है। डेढ़ महीने पहले अस्पताल में लैब टेक्नीशियन का हरिद्वार टीवी सेंटर में ट्रांसफर कर दिया गया था। जिसके चलते स्वास्थ्य केंद्र पर अब खून की जांच नहीं हो रही।
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श्यामपुर, पीली पडाव, टाटवाला, गुज्जर बस्ती, गैंडीखाता, रसूलपुर मीठीबेरी की महिलाओं के प्रसव लालढांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही होते हैं। जांच के लिए अब उन्हें हरिद्वार जाना पड़ रहा है। आशा सुपरवाइजर सतेश्वरी रावत ने बताया कि लैब बंद होने से गर्भवती महिलाओं की जांच समय पर नहीं हो रही है। उधर, केंद्र प्रभारी किशन सिंह चौहान का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को इस बाबत अवगत कर दिया है।
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