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Haridwar News: स्थायी बस अड्डा बंद, अस्थायी से शुरू हुईं रोडवेज बसें
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हरिद्वार। कांवड़ मेले में बढ़ी यात्रियों के भीड़ की वजह से अस्थाई बस अड्डा बंद कर दिया गया है। परिवहन निगम की ओर से बनाए गए अस्थाई बस अड्डों से बसों का संचालन शुरू कर दिया है। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
धर्मनगरी में 11 जुलाई से कांवड़ मेला शुरू हो गया है। इसमें कांवड़ यात्री भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए गंगा जल भरकर अपने गंतव्य को रवाना हो रहे है, लेकिन जैसे-जैसे कांवड़ मेले में शिव भक्तों की भीड़ बढ़ रही है। वैसे ही यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप होती जा रही है। सरकारी बसों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
परिवहन निगम की ओर से कांवड़ यात्रा के कारण स्थाई बस अड्डा बंद कर दिया गया है। जिससे शुक्रवार से ऋषिकुल मैदान, दूसरा मोतीचूर और चंडीघाट के पुल के नीचे गौरी शंकर टापू बनाए गए अस्थाई बस अड्डे से बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। हरिद्वार परिवहन निगम डिपो के सहायक महाप्रबंधक विशाल चंद्रा ने बताया कि कांवड़ मेले में अस्थायी बस अड्डों से बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। कांवड़ मेले में यात्रियों को आवागमन के लिए बसें मिलती रहेंगी।
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कांवड़ मेले में होगा 50 लाख का घाटा
- कांवड़ मेले में परिवहन निगम की बसों का संचालन बाधित होने से नुकसान होगा। हरिद्वार परिवहन निगम डिपो के सहायक महाप्रबंधक विशाल चंद्रा ने बताया कि कांवड़ मेले में बसों के रूट परिवर्तन होने और बंद होने से निगम को रोजाना लगभग तीन लाख रुपये का घाटा होगा। पूरे कांवड़ मेले में 50 लाख रुपये के राजस्व की हानि निगम को होगी।
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धर्मनगरी में 11 जुलाई से कांवड़ मेला शुरू हो गया है। इसमें कांवड़ यात्री भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए गंगा जल भरकर अपने गंतव्य को रवाना हो रहे है, लेकिन जैसे-जैसे कांवड़ मेले में शिव भक्तों की भीड़ बढ़ रही है। वैसे ही यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप होती जा रही है। सरकारी बसों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
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परिवहन निगम की ओर से कांवड़ यात्रा के कारण स्थाई बस अड्डा बंद कर दिया गया है। जिससे शुक्रवार से ऋषिकुल मैदान, दूसरा मोतीचूर और चंडीघाट के पुल के नीचे गौरी शंकर टापू बनाए गए अस्थाई बस अड्डे से बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। हरिद्वार परिवहन निगम डिपो के सहायक महाप्रबंधक विशाल चंद्रा ने बताया कि कांवड़ मेले में अस्थायी बस अड्डों से बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। कांवड़ मेले में यात्रियों को आवागमन के लिए बसें मिलती रहेंगी।
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कांवड़ मेले में होगा 50 लाख का घाटा
- कांवड़ मेले में परिवहन निगम की बसों का संचालन बाधित होने से नुकसान होगा। हरिद्वार परिवहन निगम डिपो के सहायक महाप्रबंधक विशाल चंद्रा ने बताया कि कांवड़ मेले में बसों के रूट परिवर्तन होने और बंद होने से निगम को रोजाना लगभग तीन लाख रुपये का घाटा होगा। पूरे कांवड़ मेले में 50 लाख रुपये के राजस्व की हानि निगम को होगी।