{"_id":"5d6d5e628ebc3e0168430536","slug":"innocent-rajan-recovered-from-bhadohi-haridwar-news-drn3183740109","type":"story","status":"publish","title_hn":"भदोही से बरामद हुआ मासूम राजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भदोही से बरामद हुआ मासूम राजन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर रोड से चार अगस्त को लापता हुए हरदोई (यूपी) के परिवार के ढाई साल के मासूम को हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने भदोही (यूपी) से ढूंढ निकाला है। उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र के एक आश्रम में रह रहे मूल रूप से भदोही निवासी दो युवक ही मासूम को अपने घर ले गए थे और उनकी मां ने भदोही में अपनी बेटी को मासूम सौंप दिया था। पुलिस ने मासूम को बरामद करने के बाद आरोपियों की धरपकड़ की भी तैयारी तेज कर दी है।
घटना चार अगस्त सुबह साढ़े आठ बजे राम प्रसाद वाली गली में घटी थी। यूपी के गांव राघवपुर मल्लवा जिला हरदोई निवासी पेशे से किसान नीरज पुत्र राधेश्याम अपने परिवार के साथ हरिद्वार घूमने आया था। रामप्रसाद की गली से गुजरते हुए उसका ढाई साल का बेटा राजन लापता हो गया था। परिजनों के हर जगह तलाशने के बाद भी बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद पिता ने स्थानीय पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी थी। पुलिस ने जब पड़ताल शुरू की थी तो सामने आया था कि दो युवक मासूम राजन को गोद में लेकर अपने साथ जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने उन युवकों को काफी तलाशा, लेकिन उनका कोई अता पता नहीं चल सका। इधर, पुलिस मासूम की खोजबीन में ही जुटी थी कि भदोही पुलिस की बच्चा मिलने की सूचना से परिजनों का खुशी का ठिकाना न रहा। आनन फानन में भदोही के गांव बेरासपुर गोपीगंज में दयाशंकर निषाद के घर से मासूम राजन को बरामद कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि भूपतवाला क्षेत्र के एक आश्रम में रहने वाले बिदेशी एवं पिंटू नाम के युवक को मासूम मिला था। वह उसे अपने घर ले गए थे। वहां बिदेशी की मां मंजूदेवी ने मासूम को भदोही में रहने वाली अपनी बेटी को ले जाकर सौंप दिया था। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि मासूम को बरामद कर लिया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।
ऐसे मिला मासूम
हरिद्वार। मासूम राजन का मिलना असंभव सा ही लग रहा था, लेकिन बच्चा चोर गैंग को लेकर चल रही अफवाह ने पुलिस की राह आसान कर दी। दरअसल, जिस दयाशंकर निषाद के घर से मासूम बरामद हुआ, उसने ही भदोही पुलिस को बच्चे के बारे में सूचना दे दी थी। क्योंकि मंजू देवी की बेटी ने मासूम को एक अन्य महिला को बच्चा सौंप दिया था। इसके बाद उस महिला ने भी दयाशंकर निषाद को वह बच्चा सौंप दिया। बच्चा कही से चोरी न किया गया हो इसकी पुष्टि करने और सत्यता जानने के लिए ही दयाशंकर ने पुलिस को सूचना देकर अपना कर्तव्य निभाया। उनके जागरूक होने से ही मामले का खुलासा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना चार अगस्त सुबह साढ़े आठ बजे राम प्रसाद वाली गली में घटी थी। यूपी के गांव राघवपुर मल्लवा जिला हरदोई निवासी पेशे से किसान नीरज पुत्र राधेश्याम अपने परिवार के साथ हरिद्वार घूमने आया था। रामप्रसाद की गली से गुजरते हुए उसका ढाई साल का बेटा राजन लापता हो गया था। परिजनों के हर जगह तलाशने के बाद भी बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद पिता ने स्थानीय पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी थी। पुलिस ने जब पड़ताल शुरू की थी तो सामने आया था कि दो युवक मासूम राजन को गोद में लेकर अपने साथ जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने उन युवकों को काफी तलाशा, लेकिन उनका कोई अता पता नहीं चल सका। इधर, पुलिस मासूम की खोजबीन में ही जुटी थी कि भदोही पुलिस की बच्चा मिलने की सूचना से परिजनों का खुशी का ठिकाना न रहा। आनन फानन में भदोही के गांव बेरासपुर गोपीगंज में दयाशंकर निषाद के घर से मासूम राजन को बरामद कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि भूपतवाला क्षेत्र के एक आश्रम में रहने वाले बिदेशी एवं पिंटू नाम के युवक को मासूम मिला था। वह उसे अपने घर ले गए थे। वहां बिदेशी की मां मंजूदेवी ने मासूम को भदोही में रहने वाली अपनी बेटी को ले जाकर सौंप दिया था। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि मासूम को बरामद कर लिया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
ऐसे मिला मासूम
हरिद्वार। मासूम राजन का मिलना असंभव सा ही लग रहा था, लेकिन बच्चा चोर गैंग को लेकर चल रही अफवाह ने पुलिस की राह आसान कर दी। दरअसल, जिस दयाशंकर निषाद के घर से मासूम बरामद हुआ, उसने ही भदोही पुलिस को बच्चे के बारे में सूचना दे दी थी। क्योंकि मंजू देवी की बेटी ने मासूम को एक अन्य महिला को बच्चा सौंप दिया था। इसके बाद उस महिला ने भी दयाशंकर निषाद को वह बच्चा सौंप दिया। बच्चा कही से चोरी न किया गया हो इसकी पुष्टि करने और सत्यता जानने के लिए ही दयाशंकर ने पुलिस को सूचना देकर अपना कर्तव्य निभाया। उनके जागरूक होने से ही मामले का खुलासा किया गया।
विज्ञापन