हरिद्वार। तीन प्रमुख मांगों पर 15 दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराज प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा महासंघ ने बुधवार से आंदोलन की चेतावनी दी है। समर्थन में आए जिले के चिकित्सकों ने भी बुधवार से काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया है। इकाई के अध्यक्ष डॉ. यशपाल तोमर ने कहा कि अगर 23 सितंबर से मांगें नहीं मानी गईं तो चिकित्सक कलमबंद हड़ताल को बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन बीते कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्साधिकारी ग्रेड के विभिन्न पदों में डीपीसी, पीएमएचएस एवं दंत सेवा संवर्ग को एसडीएसीपी का लाभ तथा विभागों में बैकलाग से चिकित्सकों की भर्ती समेत सुगम दुर्गम के लिए न्याय संगत निर्धारण और चिकित्सा सेवा सुरक्षा एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करने मांग की गई थी। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता के क्रम में आश्वासन भी मिला। 15 दिन बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव ने सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग महानिदेशक आदि को मांगों के संबंध में पत्र भी प्रेषित किया गया। इसके बावजूद उनकी मांगों पर विभागीय स्तर के अधिकारियों की ओर से कोई पहल नहीं की गई। डॉ. यशपाल तोमर ने कहा कि संगठन एकजुटता के साथ अपनी सेवाओं और महत्व को अब शासन को बताने के लिए तैयार है।