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साधना है साहित्य: डॉ. आर्य
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प्रतीकात्मक
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हरिद्वार। साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था स्वर गंगा के तत्वावधान में राष्ट्रीय धारा के प्रखर कवि गीतकार डॉ. जयसिंह आर्य के सम्मान में गंगा पुत्रों ने काव्य संध्या का आयोजन किया। वरिष्ठ गीतकार बृजेंद्र हर्ष की अध्यक्षता, कवयित्री पूनम और गीतकार महेंद्र माही के संयुक्त संचालन में सभी कवियों अपनी रचनाओं से भावविभोर कर दिया।
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संस्था केे अध्यक्ष बृजेंद्र हर्ष ने कहा कि मुख्य अतिथि डॉ. जयसिंह आर्य काव्य और गीत की विधा के अंतरराष्ट्रीय हस्ताक्षर हैं। उनके गीत, गजल, मुक्तक और दोहे साहित्य की अमूल्य धरोहर है। गीतकार डॉ. जयसिंह आर्य ने सभी कवियों और साहित्यकारों का आभार जताते हुए कहा कि साहित्य एक साधना है। हम सभी को इसकी सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस उच्च स्तर की रचनाएं उन्होंने हरिद्वार के साधकों से सुनी हैं।
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उससे साफ पता चलता है कि यहां कितनी तन्मयता से काव्य की साधना हो रही है। मशहूर गजलकार रियाज अहमद ने अपनी गजलों से समा बांध दिया। शायर इमरान हुसैन और कुमारी पूनम ने अपनी गजलों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतकार महेंद्र माही, सुशील कुमार त्यागी अमित के गीतों को सभी ने बड़े मनोभाव से सुना। ज्वाला प्रसाद शांडिल्य, जगदीश शेषी, रियाज अहमद रियाज, इमरान हुसैन, डा. राधेश्याम सेमवाल आदि कवियों ने कविता पाठ किया। इस अवसर मुख्य अतिथि और गीतकार डा. जयसिंह आर्य का हरिद्वार के कवियों ने प्रतीक चिह्न और शाल भेंटकर स्वागत किया।
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