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आरक्षण देश की व्यवस्था पर अभिशाप: राजराजेश्वराश्रम
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:50 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि देश में आरक्षण की जरूरत ही नहीं है। आरक्षण से देश जातियों में टूट रहा है। यदि आरक्षण की जरूरत है तो आर्थिक स्थिति पर पात्र लोगों को दिया जाए। उन्होंने देश में वर्ण व्यवस्था को लागू करने की बात उठाई।
कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश में पहले से ही वर्ण व्यवस्था थी, लेकिन राजनीतिक लोगों ने वोट बैंक लिए प्रयोग आरक्षण व्यवस्था लागू कराया और इसे यथावत बनाए रखा। जबकि संविधान में आरक्षण व्यवस्था 10 साल के लिए की गई थी। आरक्षण जाति पर अभिशाप है। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण बहुत ही जरूरी है तो गरीब और अंतिम व्यक्ति को लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले मुस्लिमों ने देश को तोड़ा, फिर अंग्रेजों ने हिंदु मुस्लिमों को बांटकर देश पर राज करते हुए व्यवस्था को खोखला कर दिया। उन्होंने कहा कि वोट के लिए देश के नेताओं को बांग्लादेश के निवासियों को शरण दी और उनके वोट बनाकर उन्हें देश का निवासी बना दिया। अब उनपर कार्रवाई की जा रही है तो उनके साथ खड़े हो गए हैं, लेकिन देश हित में कोई नहीं सोच रहा।
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि देश में आरक्षण की जरूरत ही नहीं है। आरक्षण से देश जातियों में टूट रहा है। यदि आरक्षण की जरूरत है तो आर्थिक स्थिति पर पात्र लोगों को दिया जाए। उन्होंने देश में वर्ण व्यवस्था को लागू करने की बात उठाई।
कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश में पहले से ही वर्ण व्यवस्था थी, लेकिन राजनीतिक लोगों ने वोट बैंक लिए प्रयोग आरक्षण व्यवस्था लागू कराया और इसे यथावत बनाए रखा। जबकि संविधान में आरक्षण व्यवस्था 10 साल के लिए की गई थी। आरक्षण जाति पर अभिशाप है। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण बहुत ही जरूरी है तो गरीब और अंतिम व्यक्ति को लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले मुस्लिमों ने देश को तोड़ा, फिर अंग्रेजों ने हिंदु मुस्लिमों को बांटकर देश पर राज करते हुए व्यवस्था को खोखला कर दिया। उन्होंने कहा कि वोट के लिए देश के नेताओं को बांग्लादेश के निवासियों को शरण दी और उनके वोट बनाकर उन्हें देश का निवासी बना दिया। अब उनपर कार्रवाई की जा रही है तो उनके साथ खड़े हो गए हैं, लेकिन देश हित में कोई नहीं सोच रहा।
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