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.. तो बिहार में दर्ज ही नहीं होते मुकदमें और फर्जी शिक्षण संस्थान

Sun, 08 Jul 2018 11:48 PM IST
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:48 PM IST
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.. तो बिहार में दर्ज ही नहीं होते मुकदमें और फर्जी शिक्षण संस्थान

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हरिद्वार। बिहार में महिला और किशोरियों के साथ होने वाले अपराधों की सुनवाई नहीं होती। उनकी शिकायत पर पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं करती। इतना ही नहीं वहां सैकड़ों फर्जी शिक्षण संस्थान हैं। यह खुलासा बिहार के राज्यपाल डा. सत्यपाल मलिक ने किया। डा मलिक हरिद्वार के गुरुकुल विद्यालय में चल रहे महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

डा. सत्यपाल मलिक ने कहा कि उत्तरी भारत के साथ बिहार में बलात्कार और उत्पीड़न की घटना बहुत ज्यादा होती है। मंच से अपनी पीड़ा सांझा करते राज्यपाल बोले कि बिहार की दुर्दशा देखी है। वहां पर महिलाओं और बच्चियों के साथ गैंगरेप की घटना बहुत ज्यादा होती है। सबसे बड़ी बात कि उनके मुकदमे तक दर्ज नहीं होते। पीड़ितों को सीधे उनसे शिकायत करने को निर्देश दिए तो एक अधिकारी ने कहा कि यह उनके दायरे और संविधानिक पद से दूर की बात है। जब तक महिला का उत्पीड़न बंद नहीं होगा, उनका प्रयास जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने राज्य सरकार का बचाव करते हुए कहा कि गैंगरेप जैसे घिनौने अपराध के लिए व्यक्ति की मानसिकता जिम्मेदार है। संस्कारवान शिक्षा से उसे बदला जा सकता है। उन्होंने बिहार में निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूल में टॉयलेट नहीं होगा उसे मान्यता नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा सुधार के लिए एकल परीक्षा नीति की, जिससे कई स्कूल बाहर हो गए हैं। 110 स्कूल नेताओं के हैं, जिन्होंने कार्रवाई के बाद उन पर दबाव बनाया, लेकिन वह झुके नहीं।
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