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हरक और बहुगुणा का पॉलिटिकल कॅरियर दांव पर
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 19 Mar 2016 05:33 PM IST
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हरक सिंह और विजय बहुगुणा
- फोटो : file photo
दलीय स्थिति के हिसाब से कांग्रेस के अभी तक 36 विधायक हैं। कांग्रेस को पीडीएफ का समर्थन भी हासिल है। ऐसे में कांग्रेस के पक्ष में 42 का आंकड़ा था। इसमें से नौ विधायकों के चले जाने पर कांग्रेस के पक्ष में 27 विधायक हैं।
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दल बदल से बचने के लिए दो तिहाई विधायक होने चाहिए। इस हिसाब से बहुगुणा और हरक को करीब 24 विधायकों का समर्थन जुटाना था। ऐसे में इन दो नेताओं का अन्य सात विधायकों के साथ दल बदल कानून की जद में आना भी करीब-करीब तय है।
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हरक का भाजपा और बसपा से भी पुराना नाता:
ऐसा हुआ तो यह दोनों चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। हरक पहले भी उछल कूद कर चुके हैं। हरक का भाजपा और बसपा से भी पुराना नाता रहा है, लेकिन विजय बहुगुणा शुद्ध रूप से कांग्रेसी ही रहे।
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हेमवती नंदन बहुगुणा के पुत्र विजय बहुगुणा की बहन रीता बहुगुणा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की पहचान वाली नेता भी हैं। कांग्रेस से नाता तोड़ने के बाद बहुगुणा के लिए प्रदेश में अपनी कांग्रेस की छवि को तोड़ने में खासी मशक्कत भी करनी होगी। यही हाल हरक का भी है।