बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

उत्तराखंड : जनजाति किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा

सितारगंज (ऊधमसिंह नगर) क्षेत्र में जनजाति की एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी युवकों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

13 अप्रैल की रात करीब नौ बजे सितारगंज क्षेत्र के एक गांव में जनजाति परिवार की किशोरी (14) घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता रिश्तेदारी में बाहर गए हुए थे। इसी बीच गांव का अंग्रेज सिंह और प्रभु सिंह किशोरी को घर से जबरन उठाकर ले गए।

रात करीब दस बजे किशोरी के माता-पिता घर लौटे तो किशोरी घर पर नहीं थी। इस पर उन्होंने बेटी की तलाश की। नहर की ओर खेत में देखा तो उनकी बेटी बेहोश पड़ी थी। परिजनों को देख अंग्रेज और प्रभु वहां से भाग निकले। परिजन बेटी को घर लेकर आए।

होश में आने पर उसने बताया कि आरोपियों ने उसे जान से मारने का भय दिखाते हुए सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों के घर वालों ने पीड़िता के परिजनों को जातिसूचक गालियां भी दीं। किशोरी के पिता ने अंग्रेज सिंह व प्रभु सिंह के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पीड़ित किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है।
... और पढ़ें

हरिद्वार : ज्वालापुर कोतवाल पर भी स्मैक तस्करी मामले में गिरी गाज, आरोपी सिपाही सस्पेंड 

तस्करों से मिलीभगत सामने आने के बाद गिरफ्तार किए गए ज्वालापुर कोतवाली और नारकोटिक्स सेल में तैनात दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में ज्वालापुर कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी पर भी गाज गिरी है। उनको लाइन हाजिर करते हुए चंद्र चंद्राकर नैथानी को कोतवाली की कमान सौंपी गई है। वहीं, सीओ मंगलौर पूरे मामले की जांच करेंगे।

शुक्रवार को ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ले में एसटीएफ देहरादून की टीम ने दबिश देते हुए चार तस्करों इरफान, सत्तार, गंगे और राहिल को गिरफ्तार किया था। उन्हें संरक्षण देने वाले ज्वालापुर कोतवाली में तैनात सिपाही अमजद और नारकोटिक्स सेल में तैनात सिपाही शाहिद राजा को भी गिरफ्तार किया गया था।

मामले का खुलासा होने के बाद शनिवार को हरिद्वार एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने भी अपनी तरफ से कार्रवाई करते हुए ज्वालापुर कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर कोतवाली की कमान चंद्र चंद्राकर नैथानी को दी गई है।

एसएसपी ने अपनी तरफ से भी इस मामले में जांच के आदेश देते हुए सीओ मंगलौर पंकज गैरोला को जांच सौंपी है। कप्तान का कहना है कि लाइन हाजिर किए गए कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी की प्राथमिक तौर पर कोई संलिप्तता सामने नहीं आई है। मगर जांच में दिक्कत न हो, इस कारण इंस्पेक्टर को हटाया गया है। सीओ मंगलौर मामले की जांच करेंगे।

पुलिस संरक्षण में चल रहा था गैंग 

गैंग लीटर सत्तार ने बताया कि उनका पूरा धंधा ज्वालापुर थाने में तैनात सिपाही अमजद अैर एंटी ड्रग्स फोर्स में तैनात सिपाही रईस राजा के संरक्षण में चलता था। जब भी थाना स्तर से कोई कार्रवाई होती। अमजद उन्हें सूचना देता था, जबकि जब भी एसटीएफ की कोई कार्रवाई होती थी तो एंटी ड्रग्स फोर्स में तैनात रईस राजा सूचना दे देता था। इसके लिए दोनों सिपाहियों को अच्छी-खासी रकम दी जाती थी।

होनी थी 15 किलो स्मैक की डील

तस्करों की बहुत जल्दी ही 15 किलो स्मैक की डील होने वाली थी। इसके लिए राहिल ने पथरी क्षेत्र में रहने वाले इरफान से बातचीत की थी। इसका पैसा गैंग लीडर सत्तार की ओर से दिया जाना था। डील होने पर गैंग की ओर से इसे अलग-अलग जगह पहुंचाया जाना था। 
... और पढ़ें

उत्तराखंड: हरिद्वार में नशे के गैंग का पर्दाफाश, दो पुलिसकर्मियों सहित चार गिरफ्तार, पहले दे देते थे रेड की सूचना 

देहरादून एसटीएफ और एडीटीएफ ने हरिद्वार में पुलिसकर्मियों की शह पर चल रहे नशा तस्करों के बड़े गैंग का खुलासा किया है। इसमें दो पुलिसकर्मियों सहित गैंग लीडर और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में चरस, स्मैक भी बरामद की गई है। नशा तस्करी का यह पूरा खेल एंटी ड्रग्स फोर्स में तैनात और अन्य पुलिसकर्मियों की शह पर चल रहा था। 

पुलिस मुख्यालय में उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि एसटीएफ को विगत कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में नशा तस्करों का एक संगठित गिरोह चल रहा है। सूचना पर एसटीएफ और एडीटीएफ की संयुक्त टीम का गठन किया। इसके बाद गोपनीय व सर्विलांस के माध्यम से जानकारी जुटाई गई।

पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद शुक्रवार को एसपी एसटीएफ जवाहरलाल के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और राहिल फत्र मुस्तफा निवासी कस्सावाला, गैंग लीडर सत्तार पुत्र असगर, गंगेश पत्नी स्व. मोहनलाल, इरफान पुत्र जगशहीद निवासी एकड़ पथरी को गिरफ्तार किया गया। मौके पर राहिल के कब्जे से 198 ग्राम स्मैक और कुछ रकम, गंगेश से 1.25 किलो चरस बरामद की गई। पूछताछ के बाद तस्करों को शह देने वाले ज्वालापुर थाने में नियुक्त कांस्टेबल अमजद और हरिद्वार एंटी ड्रग्स फोर्स में तैनात कांस्टेबल रईस राजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। 

पुलिस संरक्षण में चल रहा था गैंग 
गैंग लीडर सत्तार ने बताया कि उनका पूरा धंधा ज्वालापुर थाने में तैनात सिपाही अमजद अैर एंटी ड्रग्स फोर्स में तैनात सिपाही रईस राजा के संरक्षण में चलता था। जब भी थाना स्तर से कोई कार्रवाई होती। अमजद उन्हें सूचना देता था, जबकि जब भी एसटीएफ की कोई कार्रवाई होती थी तो एंटी ड्रग्स फोर्स में तैनात रईस राजा सूचना दे देता था। इसके लिए दोनों सिपाहियों को अच्छी-खासी रकम दी जाती थी।
... और पढ़ें

उत्तराखंड: नानकमत्ता के जंगल में पकड़ी अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी, भारी मात्रा में मिले कारतूस 

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता में पुलिस ने ग्राम ध्यानपुर के जंगल में छापा मारकर अवैध हथियार बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन फरार हो गए। पुलिस ने शस्त्र निर्माण में प्रयुक्त होने वाले उपकरण, 315 बोर की एक पोनिया राइफल, 315 बोर के दो तमंचे, तीन कारतूस, खोखा, 312 बोर के तीन कारतूस, 13 खोखे और एक वेल्डिंग मशीन बरामद की है। इसके अलावा, तीन बाइकें तथा एक कार भी जब्त की है। केस दर्ज करने के बाद पकड़े गए आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। 

बृहस्पतिवार की देर रात थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट को ग्राम ध्यानपुर के जंगल में अवैध शस्त्र निर्माण की सूचना मिली। सूचना पर थानाध्यक्ष ने पुलिस टीम के साथ जंगल में छापा मारा। ध्यानपुर तथा सरोंजा के घने जंगल के बीच तस्कर अवैध रूप से शस्त्रों का निर्माण कर रहे थे।

उतराखंड में साइबर अपराध: चार महीने में 200 से अधिक मुकदमे दर्ज, 14 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से ग्राम दीननगर निवासी गुरमीत सिंह तथा ग्राम टुकड़ी निवासी मक्खन सिंह को पकड़ लिया, जबकि टुकड़ी गांव निवासी बलवीर सिंह, बिचवा भूड़ निवासी सुक्खा सिंह तथा ग्राम पहसैनी निवासी एक अज्ञात आरोपी फरार हो गए। टीम में एसआई अवनीश कुमार, एसआई नवीन बुधानी, ललित नेगी, हरीश चंद, हेमचंद फुलारा, प्रकाश आर्या, मोहित वर्मा और वोबिन्दर कुमार आदि शामिल थे।

2019 में हरिद्वार में भी पकड़ी थी फैक्टरी
बता दें कि साल 2019 में  पुलिस ने हरिद्वार में लक्सर के गिद्धावाली गांव में भी अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया था। इस दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में देसी तमंचे, देसी बंदूक और कारतूस बरामद किए थे। साथ ही मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। 
... और पढ़ें
तमंचा बरामद तमंचा बरामद

देहरादून :  उपचार के दौरान अस्पताल के कर्मचारी चोरी करते थे कोविड मरीजों के मोबाइल, ऐसे खुला मामला

राजधानी देहरादून के एक अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के दौरान उनके मोबाइल चोरी करने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक सुनील गुप्ता के द्वारा चौकी झाझरा पर तहरीर दी गई कि उसकी पत्नी रीमा गुप्ता कोविड पॉजिटिव है तथा सुभारती अस्पताल झाझरा से उपचार चल रहा है।

ब्लैक फंगस: कोविड को मात देने वालों की आंखों की रोशनी छीन रहा ये नया दुश्मन

आज जब पत्नी को फोन किया तो उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। जिसके बाद पत्नी से संपर्क किया तो उसने बताया कि उसका फोन हॉस्पिटल से चोरी हो गया है। तहरीर के आधार पर थाना प्रेमनगर में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया।

कोरोना से मौतें: हरिद्वार में बनेगा स्पेशल कोविड अस्थायी श्मशान घाट, एक साथ 16 शवों का हो सकेगा दाह संस्कार

थानाध्यक्ष प्रेम नगर ने तत्काल हेतु टीमें गठित कीं और कोविड मरीजों के मोबाइल फोनों को चोरी करने वालों के मामले में सुभारती अस्पताल में कर्मचारियों व अधिकारियों से पूछताछ - छानबीन की गई।

जिसके आधार पर अफजल, शुभम व रवि को सुभारती अस्पताल चकराता रोड के पास से चोरी मोबाइलो के साथ गिरफ्तार किया गया। तीनों अभियुक्त अस्पताल में काम करते हैं। पूछताछ पर बताया कि जब मरीज आराम करता है और मौका देखकर उसके फोन को तुरंत छुपा कर अपने पास रख लेते हैं और फोन को तुरंत स्विच ऑफ कर देते हैं।

अभियुक्तों के कब्जे से चोरी के चार मोबाइल बरामद किए गए तथा अभियुक्तों को आवश्यक कार्रवाई हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। ... और पढ़ें

रुड़की : भीम आर्मी के दो आए आमने-सामने, मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठियां फटकार कर किया तितर-बितर

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर एक-दूसरे को दी जा रही धमकियों के बाद भीम आर्मी के दो गुटों के समर्थक आमने-सामने आ गए। मौके पर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पहले से ही अलर्ट पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बवाल को टालने के लिए लाठियां फटकार कर उन्हें तितर-बितर किया। इससे दोनों पक्षों में संघर्ष होते-होते बचा।

भीम आर्मी के पूर्व जिला महासचिव परवेज सुल्तान और आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह के बीच कुछ महीनों से संगठन में पद और रुतबे को लेकर विवाद चल रहा है। पिछले दिनों परवेज सुल्तान ने महक सिंह से हुई वार्ता का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर डाला था, जिसमें दोनों के बीच कहासुनी हो रही थी।

बीते शुक्रवार को परवेज सुल्तान के एक रिश्तेदार ने भी एक वीडियो पोस्ट कर दिया, जिसमें महक सिंह को धमकी दी गई। इसके भड़के आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता शुक्रवार रात रामपुर चुंगी पर पहुंचे और परवेज सुल्तान की दुकान के बाहर एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ गई।
... और पढ़ें

उतराखंड में साइबर अपराध: चार महीने में 200 से अधिक मुकदमे दर्ज, 14 आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखंड में साइबर अपराध के खिलाफ साइबर थाना और एसटीएफ ने जमकर कार्रवाई की है। लोगों की शिकायतों पर रिकॉर्ड अब तक करीब 200 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज किए गए हैं। साइबर थाने में दर्ज मुकदमों से संबंधित 14 आरोपियों को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। 

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी तरह-तरह से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इनमें कोई ओएलएक्स के माध्यम से सामान बेचने के नाम पर ठगी करता है तो कोई मदद के बहाने। इस तरह की छोटी से छोटी शिकायतों को भी साइबर थाने पर लेकर जांच की जा रही है।

नतीजा यह है कि चार माह के भीतर साइबर थाने में ही 16 मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। 158 मुकदमे विभिन्न जांच के बाद प्रदेश के अलग-अलग थानों में दर्ज कराए गए हैं। 191 शिकायतों पर तकनीकी कार्रवाई के बाद अलग-अलग जिलों को भेजे गए हैं। साइबर थानों से संबंधित मुकदमों में राजस्थान से चार, बिहार से दो, दिल्ली से तीन, पश्चिमी बंगाल से एक, उत्तर प्रदेश से दो और उत्तराखंड से भी दो कुल 14 आरोपियों को पकड़ा गया है। 

लोगों के 75 लाख रुपये कराए वापस 
एसएसपी ने बताया कि अब तक कुल 145 मामले ऐसे आए हैं जिनमें लोगों की रकम वापस कराई गई है। यह कुल मिलाकर रकम करीब 75 लाख रुपये है। इनमें कुछ लोगों को सारी रकम और कुछ की आंशिक रकम वापस कराई गई है।
... और पढ़ें

सिडकुल घोटाला : अधिकारियों को मिला था 12 प्रतिशत कमीशन, एसआईटी और तकनीकी कमेटी की जांच में खुलासा

साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
सिडकुल के निर्माण कार्य में अधिकारियों ने कमीशन का खेल खेला था। यूपी की निर्माण इकाई को काम देने के एवज में 12 प्रतिशत कमीशन अधिकारियों को देने की बात सामने आई है। एसआईटी और तकनीकी कमेटी की जांच में यह खुलासा हुआ है। कमीशन लेने वाले अधिकारियों के नाम उजागर किए बिना टीम ने इनके खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कर दी है।

वर्ष 2012 से 2017 तक पंतनगर सिडकुल में बनाए गए सिटी पार्क में यूपी निर्माण निगम की ओर से कई निर्माण कार्य किए गए थे। सरकार की ओर से कराए गए ऑडिट में निर्माण कार्यों के साथ ही कर्मचारियों की नियुक्ति और वेतन निर्धारण में अनियमितताएं मिलीं थीं। जांच के लिए शासन के आदेश पर एसआईटी का गठन कर दिया गया था।

एसआईटी को सिडकुल में स्थापित सिटी पार्क की जांच में पार्क के मुख्य द्वार, शौचालय, फव्वारे, सीसी मार्ग व चहारदीवारी निर्माण में वित्तीय अनियमितताएं मिली थीं। इसके अलावा काशीपुर एस्कार्ट फार्म स्थित सिडकुल इंडस्ट्रियल एरिया में विभिन्न सेक्टरों को जाने वाली सड़कों के किनारे बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए स्ट्रांग वाटर ड्रेन में भी वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुईं। 

इसी तरह सितारगंज सिडकुल में यूपी निर्माण निगम ने सड़क, वाटर टैंक व नालियों का निर्माण किया था। इसके लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया था। दस्तावेज और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करने पर अनियमितता सामने आ गई थी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को परखने के लिए तकनीकी कमेटी बनाई गई।

एसआईटी और तकनीकी दोनों टीमों ने निर्माण कार्य की जांच शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यूपी निर्माण निगम को काम देने की एवज में अधिकारियों ने 12 प्रतिशत कमीशन लिया। सीसी मार्ग, चहारदीवारी, पार्क का मुख्य द्वार बनाने में गुणवत्ता में भी कमी पाई गई है। इन्हीं कामों के लिए कमीशन सबसे अधिक लिया। 

112 फाइलों की होनी है जांच 

सिडकुल घोटाले की जांच को लेकर एसआईटी ने 112 फाइलें बनाई हैं। एसआईटी सूत्रों के अनुसार अब तक 24 फाइलों की जांच पूरी कर ली गई है। लोनिवि व जल संस्थान की तकनीकी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर एसआईटी को सौंप दी थी। इसके बाद इन सभी फाइलों को पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। तकनीकी जांच में निर्माण कार्यों में अनियमितताएं मिली हैं। (संवाद)

यूपी निर्माण इकाई के कर्मचारियों से होगी पूछताछ 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिडकुल घोटाले की जांच को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर यूपी निर्माण इकाई पर कार्रवाई होना तय है। दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करने व अन्य मामलों की जानकारी के लिए यूपी निर्माण इकाई कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। (संवाद)

सिडकुल घोटाले में 112 फाइलों की जांच शुरू हो गई है। तकनीकी कमेटी के साथ मिलकर एसआईटी रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट बनाकर पुलिस मुख्यालय भेजी जा रही है। एसआईटी सभी कोणों पर काम कर रही है। काम के दौरान कुछ अधिकारियों के 10 से 12 प्रतिशत कमीशन लेने की बात सामने आ रही है। इसकी भी गहराई से जांच हो रही है।
- डीएस कुंवर, एसएसपी
 
... और पढ़ें

देहरादून : किशोरी के साथ तीन दरिंदों ने किया दुष्कर्म, पिता के पास छोड़ने की बात कहकर ले गए थे आरोपी

पिता के पास ले जाने की बात कहकर एक युवती को फार्म हाउस पर ले जाकर तीन दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म किया गया। किशोरी के पिता की तहरीर पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।

पीड़िता के पिता का कहना है कि वह किराए के मकान में परिवार के साथ रहता था। कुछ दिन पहले पत्नी को बच्चों के साथ सहारनपुर भेज दिया था। कुछ दिन बाद बेटी को सहारनपुर से वापस देहरादून बुलाया। गत 22 अप्रैल को उसकी बेटी रोडवेज बस से देहरादून आई। बेटी पहले परिचित महिला के घर पहुंची और परिचित महिला के घर ही रुक गई। अगले दिन परिचित महिला बेटी को छोड़ने के लिए उसके पास आ रही थी।

रास्ते में कार चालक व्यक्ति गोविंद मिला। उसने घर छोड़ने की बात कही। परिचित महिला ने बेटी को गोविंद की कार में बैठा दिया। इसके बाद गोविंद पहले कार रेलवे स्टेशन पर ले गया और वहां अपने दो दोस्तों को बैठा लिया। इसके बाद दूधली रोड पर एक फार्म हाउस में ले गए।

वहां गोविंद व उसके दोनों दोस्तों ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी किशोरी को बदहवास हालत में डोईवाला चीनी मिल के पास छोड़कर फरार हो गए। घर पहुंचने के बाद बेटी ने पिता को आपबीती बताई।
... और पढ़ें

हरिद्वार :  एसएसपी के सुरक्षाकर्मी के भी तस्करों से थे संबंध, सीओ रुड़की को सौंपी मामले की जांच

ज्वालापुर कोतवाली और नारकोटिक्स सेल में तैनात दो आरक्षियों की गिरफ्तारी के बाद एसएसपी के सुरक्षाकर्मी के भी मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों से संबंध सामने आए थे। इसके बाद पदोन्नत हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी रुड़की को सौंपी गई है।

एटीएस देहरादून की टीम ने एक सप्ताह पूर्व ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक महिला भी शामिल थी। इसके साथ ही ज्वालापुर कोतवाली में तैनात आरक्षी अमजद और जिले की नारकोटिक्स सेल में तैनात आरक्षी रईस राजा को भी तस्करों को संरक्षण देने के मामले में गिरफ्तार किया था।

डीजीपी के अशोक कुमार के आदेश बाद एसटीएफ के डीआईजी नीलेश आनंद भरणे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में एसएसपी के सुरक्षाकर्मी प्रोन्नत हेड कांस्टेबल विकास बलूनी का नाम भी सामने आया है। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है।

एसटीएफ की टीम तस्करों की किन-किन बातचीत होती है, इसकी जांच कॉल डिटेल के आधार पर कर रही थी। इसमें विकास बलूनी के भी मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों से संबंध सामने आए थे। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि विकास बलूनी के तस्करों से संबंध होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वह पुलिस लाइन में ही रहेगा। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी रुड़की बहादुर सिंह चौहान को सौंपी गई है।
... और पढ़ें

रुड़की : प्रेम प्रसंग में दरार आने पर बाइक सवार तीन युवकों ने युवती पर बोला हमला, चाकू से किया वार, मौत

बीबीए की छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस हर बिंदू पर जांच कर रही है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि छात्रा और हत्यारोपी सफरपुर निवासी युवक के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस को मोबाइल में दोनों के बीच कॉल और व्हाट्सएप पर बातचीत करने की जानकारी मिली है। वहीं, पुलिस ने हत्यारोपी से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। 

रुड़की के कृष्णानगर गली नंबर-20 में छात्रा की हत्या के बाद से पुलिस गिरफ्तार आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हैदर सऊदी अरब में काम करता था। हैदर कुछ दिन पूर्व ही वह सऊदी अरब से सफरपुर अपने गांव आया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि युवक और छात्रा के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था।

कुछ दिन पहले दोनों का किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद से छात्रा ने युवक से बातचीत करनी बंद कर दी थी। जबकि युवक छात्रा पर बात करने का दबाव बना रहा था। छात्रा के बात से इनकार करने पर वह शनिवार को छात्रा के घर पहुंचा और चाकू से गले पर वार कर दिया। उधर, एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पुलिस की ओर से हर बिंदू पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 
... और पढ़ें

रुद्रपुर : सिडकुल में युवक की पीटकर हत्या, ट्रक से बैट्री चोरी करने की वजह से की गई थी उसकी पिटाई

सिडकुल में एक युवक की कुछ लोगों ने बुरी तरह से पिटाई कर दी। अचेत हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार प्रारम्भिक जांच में ट्रक से बैट्री चोरी करने की वजह से युवक की पिटाई की बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार ट्रांजिट कैंप के नेताजी सुभाष कालोनी में गंगाराम कश्यप अपनी पत्नी सुशीला, बड़े बेटे राजू कश्यप (24) और सचिन के साथ रहते हैं। गंगाराम एक फैक्ट्री में काम करते हैं। गुरुवार की रात परिजन  खाना खाने के बाद सो गए थे। आधी रात को किसी का फ़ोन आने पर राजू अचानक घर से कहीं निकल गया।

शुक्रवार सुबह दो युवक स्कूटी से राजू कश्यप को गंभीर हालत में उसके घर ले गए। परिजन युवक को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर सीओ सिटी अमित कुमार, थानाध्यक्ष ट्रांजिट कैंप विनोद फर्त्याल, टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

पुलिस ने युवक को घर लाने वाले युवकों के साथ ही घटनास्थल के आसपास खड़े ट्रकों के चालक को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अविवाहित था।

सीओ अमित कुमार ने बताया कि मृतक नशा करता था। मौके से नशे के इंजेक्शन मिला है।आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला है कि एक ट्रक से बैट्री चोरी करने की वजह से उसकी पिटाई की गई थी। पूरे मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है। फिलहाल परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।
... और पढ़ें

रुद्रपुर : भाजपा के बीडीसी सदस्य समेत दो पर महिला से दुष्कर्म का आरोप, कई धाराओं में मुकदमा दर्ज

भाजपा के बीडीसी सदस्य समेत दो लोगों पर महिला को जूस में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर बीडीसी सदस्य समेत दो के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।   

मंगलवार को कोतवाली में दी तहरीर में रुद्रपुर निवासी एक महिला ने बताया कि उसका पति विदेश में नौकरी करता है। वह अपने छह साल के बेटे के साथ अकेले रहती है। भूरारानी निवासी कुलवीर सिंह और गदरपुर के रजपुरा निवासी बीडीसी सदस्य दलबीर सिंह उर्फ मिट्ठू विर्क उनके घर पर आते थे। जनवरी 2019 में दोनों उसके घर आए थे।

महिला की तहरीर पर दोनों पर केस दर्ज कर लिया गया

दोनों अपने साथ जूस लेकर आए थे, जिसे पीने के बाद उसे नशा होने पर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना का वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बाद में भी दोनों ने कई बार दुष्कर्म किया।

सीओ अमित कुमार ने बताया कि महिला की तहरीर पर दोनों पर केस दर्ज कर लिया गया है। शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इधर, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोड़ा का कहना है कि दलबीर सिंह निर्दलीय बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ा था, वह भाजपा का कार्यकर्ता नहीं है।

दुष्कर्म का आरोपी किशोर गिरफ्तार

चिन्यालीसौड़ में प्रखंड के एक गांव में छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एक किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थानाध्यक्ष धरासू गजेंद्र बहुगुणा ने बताया कि एक सप्ताह पहले छात्रा पास के एक गांव में अपने रिश्तेदार के यहां शादी में गई थी।

रात में आरोपी किशोर ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। परिजनों ने रविवार को मामले की शिकायत थाना धरासू में दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ दुुराचार से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में बाल सुधार गृह भेज दिया है।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन