राष्ट्रपति शासन से बचने के लिए कांग्रेस नहीं करेगी ये काम
- प्रदेश कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में भी 28 मार्च तक कोई विरोध प्रदर्शन न करने, जुलूस न निकालने की हिदायत दी गई।
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सभी पदाधिकारियों को भीड़ न जुटाने और नाराजगी में कोई तीखी प्रतिक्रिया देने के लिए साफ मना कर दिया है।
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कांग्रेस ने 28 मार्च तक के अपने विरोध-प्रदर्शन के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। कांग्रेस को आशंका है कि भाजपा विरोध प्रदर्शनों को कानून व्यवस्था बिगड़ने और प्रदेश में अराजकता का माहौल का नाम दे सकती है और इसकी आड़ में केंद्र राष्ट्रपति शासन लगा सकता है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कांग्रेस भवन में शुक्रवार देर शाम हुई बैठक में कांग्रेस पदाधिकारियों को दून में भीड़ न जुटाने का फरमान सुनाया और दिल्ली रवाना हो गए। 27 को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी भी दून पहुंच रही हैं।
कांग्रेस पार्टी का मानना है कि भाजपा और सरकार पर अविश्वास जता चुके कांग्रेस के नौ विधायक सरकार गिराने की कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन्होंने पहले राजभवन का दरवाजा खटखटाया, फिर राष्ट्रपति से मिले और इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया। राष्ट्रपति शासन उस सूरत में भी लगाया जा सकता है, जब राष्ट्रपति को इस बात पर विश्वास हो जाए कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है। ऐसे में कांग्रेस को अब यह डर सता रहा है कि 28 मार्च या उससे पहले विरोधी खेमा कहीं यह जताने की कोशिश न करें कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।
शुक्रवार देर शाम कांग्रेस मुख्यालय में हुई कांग्रेस प्रदेश कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में भी 28 मार्च तक कोई विरोध प्रदर्शन न करने, जुलूस न निकालने की हिदायत दी गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सभी पदाधिकारियों को भीड़ न जुटाने और नाराजगी में कोई तीखी प्रतिक्रिया देने के लिए साफ मना कर दिया है। शुक्रवार शाम को किशोर खुद भी दिल्ली रवाना हुए और शनिवार दोपहर तक उनका वापस दून लौटने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक किशोर को पार्टी आलाकमान ने वर्तमान हालात को देखते हुए दिल्ली तलब किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जताई राष्ट्रपति शासन की आशंका
केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने पहले उत्तराखंड को वित्तीय संकट में डालने की कोशिश की। अब विधायकों में तोड़फोड़ कर सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया। हमें डर है कि कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेकर और अराजकता का माहौल बनाकर प्रदेश में कानून व्यवस्था के फेल होने के नाम पर राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश हो सकती है। इस स्थिति को देखते हुए ही कांग्रेस संगठन को संयमित रहने को कहा गया है।
-किशोर उपाध्याय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष।
हम यह मान कर चल रहे हैं कि सरकार को गिराने के लिए भाजपा किसी भी हद तक जाएगी। ऐसे में कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की भी कोशिश हो सकती है। कांग्रेस वैसे भी किसी तरह के टकराव के पक्ष में नहीं है।
-जोत सिंह बिष्ट, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष।
भाजपा कार्यकर्ता नियम-कानून व्यवस्था का सम्मान करता है। 28 मार्च को अगर कांग्रेसी कानून व्यवस्था तोड़ते हैं और माहौल खराब करते हैं तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। भाजपा ने माहौल खराब करने के लिए न पहले कोई काम किया था और न अब करेगी। सभी को संवैधानिक व्यवस्था और कानून का पालन करना चाहिए।
-मुन्ना सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता