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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे: कोरोना काल में जख्मों पर मरहम लगाने में फिसड्डी रहे सांसद!
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चंपावत। 30 मई को मोदी सरकार के दो साल पूरे हो गए। इस दूसरे कार्यकाल का बड़ा हिस्सा कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ा। लेकिन क्षेत्र के सांसद इस दौरान लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने में नाकाम रहे। न तो उन्होंने कोरोना पीड़ितों की सुध ली और न ही जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के कोई कारगर उपाय। अलबत्ता कोरोना से बचाव के लिए सांसद निधि से पिछले वित्त वर्ष में 37 लाख रुपये जरूर दिए।
मोदी सरकार की दूसरी पारी के दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन इस दौरान टनकपुर में रेलवे स्टेशन को उच्चीकृत करने के अलावा उपलब्धि के नाम पर हाथ खाली रहे। सांसद अजय टम्टा के पिछले कार्यकाल में चंपावत को एक केंद्रीय विद्यालय मिला, जो 2020 में शुरू हुआ। लेकिन दूसरे कार्यकाल में न तो केंद्र सरकार और नहीं सांसद की ओर से कोई बड़ा काम कराया गया। प्रवासियों की दिक्कत को कम करने, स्वरोजगार के मौके बढ़ाने और खेती-पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
दो सालों में सांसद निधि से जिले को सिर्फ 37 लाख रुपये मिले हैं। जिसमें 17.32 लाख रुपये जिला अस्पताल और लोहाघाट के आइसोलेशन वार्ड निर्माण सहित कुल 27.75 लाख रुपये का उपयोग अभी तक कोरोना से बचाव के लिए हुआ है। वहीं पिछले साल मार्च से शुरू कोरोना काल के बाद से निगरानी समिति, सड़क सुरक्षा समिति सहित तीन बैठकों के अलावा इस साल 24 मई को मुख्यमंत्री के दौरे पर चंपावत आए। लेकिन कोरोना संक्रमितों की सुध लेने के लिए उन्होंने जिले का दौरा तक नहीं किया। जबकि पिछले साल मार्च से अब तक जिले में 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
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सांसद अजय टम्टा द्वारा अब तक दी गई कुल रकम (लाख रुपये में):
वर्ष - राशि
2015-16: 122.00
2016-17: 81.50
2018-19: 120.60
2020-21: 37.00
कुल राशि: 361.10
कोट
अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र भौगोलिक रूप से खासा बड़ा है, इसके बावजूद सांसद अजय टम्टा ने जिले पर पूरा ध्यान दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के साथ इसे बेहतर करने के लिए सांसद निधि से 37 लाख रुपये दिए।
मोहन अधिकारी,
जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा, चंपावत।
दो साल के कार्यकाल में उपलब्धि तो दूर, कोरोना काल में भी भाजपा सांसद का आम लोगों से वास्ता नहीं रहा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने में नाकाम रहे। साथ ही कोरोना के दौर में भी लोगों की पीड़ा की अनदेखी की गई।
हेमेश खर्कवाल,
प्रदेश महामंत्री, कांग्रेस।
लोकसभा सांसद अजय टम्टा ही नहीं, राज्यसभा सांसदों ने भी जिले से दूरी बनाई है। कोरोना काल में तीन अस्पतालों में लगे आईसीयू के संचालन में आ रही अड़चन इसकी एक बानगीभर है।
सुरेश तिवारी, लोहाघाट।
केंद्र का दो साल का कार्यकाल लोगों के लिए परेशानी भरा रहा। कोरोना काल ही नहीं, डीजल-पेट्रोल, गैस सिलिंडर से लेकर खाने के तेल तक की बेतहाशा महंगाई ने लोगों को परेशान किया है।
रितिक भंडारी, चंपावत।
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मोदी सरकार की दूसरी पारी के दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन इस दौरान टनकपुर में रेलवे स्टेशन को उच्चीकृत करने के अलावा उपलब्धि के नाम पर हाथ खाली रहे। सांसद अजय टम्टा के पिछले कार्यकाल में चंपावत को एक केंद्रीय विद्यालय मिला, जो 2020 में शुरू हुआ। लेकिन दूसरे कार्यकाल में न तो केंद्र सरकार और नहीं सांसद की ओर से कोई बड़ा काम कराया गया। प्रवासियों की दिक्कत को कम करने, स्वरोजगार के मौके बढ़ाने और खेती-पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
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दो सालों में सांसद निधि से जिले को सिर्फ 37 लाख रुपये मिले हैं। जिसमें 17.32 लाख रुपये जिला अस्पताल और लोहाघाट के आइसोलेशन वार्ड निर्माण सहित कुल 27.75 लाख रुपये का उपयोग अभी तक कोरोना से बचाव के लिए हुआ है। वहीं पिछले साल मार्च से शुरू कोरोना काल के बाद से निगरानी समिति, सड़क सुरक्षा समिति सहित तीन बैठकों के अलावा इस साल 24 मई को मुख्यमंत्री के दौरे पर चंपावत आए। लेकिन कोरोना संक्रमितों की सुध लेने के लिए उन्होंने जिले का दौरा तक नहीं किया। जबकि पिछले साल मार्च से अब तक जिले में 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
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सांसद अजय टम्टा द्वारा अब तक दी गई कुल रकम (लाख रुपये में):
वर्ष - राशि
2015-16: 122.00
2016-17: 81.50
2018-19: 120.60
2020-21: 37.00
कुल राशि: 361.10
कोट
अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र भौगोलिक रूप से खासा बड़ा है, इसके बावजूद सांसद अजय टम्टा ने जिले पर पूरा ध्यान दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के साथ इसे बेहतर करने के लिए सांसद निधि से 37 लाख रुपये दिए।
मोहन अधिकारी,
जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा, चंपावत।
दो साल के कार्यकाल में उपलब्धि तो दूर, कोरोना काल में भी भाजपा सांसद का आम लोगों से वास्ता नहीं रहा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने में नाकाम रहे। साथ ही कोरोना के दौर में भी लोगों की पीड़ा की अनदेखी की गई।
हेमेश खर्कवाल,
प्रदेश महामंत्री, कांग्रेस।
लोकसभा सांसद अजय टम्टा ही नहीं, राज्यसभा सांसदों ने भी जिले से दूरी बनाई है। कोरोना काल में तीन अस्पतालों में लगे आईसीयू के संचालन में आ रही अड़चन इसकी एक बानगीभर है।
सुरेश तिवारी, लोहाघाट।
केंद्र का दो साल का कार्यकाल लोगों के लिए परेशानी भरा रहा। कोरोना काल ही नहीं, डीजल-पेट्रोल, गैस सिलिंडर से लेकर खाने के तेल तक की बेतहाशा महंगाई ने लोगों को परेशान किया है।
रितिक भंडारी, चंपावत।