{"_id":"5cb769fcbdec22140d56c1f7","slug":"trouble-of-the-returning-passengers","type":"story","status":"publish","title_hn":"थमी नहीं लाौटने वाले मुसाफिरों की मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थमी नहीं लाौटने वाले मुसाफिरों की मुसीबत
Wed, 17 Apr 2019 11:31 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:31 PM IST
विज्ञापन
टनकपुर को जाने वाली बस में चढ़ने को चंपावत में यात्रियों के बीच मची मारामारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्र के बाद मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों कों बसों का भारी टोटा झेलना पड़ रहा है। बसों की कमी के चलते चंपावत और लोहाघाट में यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। घंटों के इंतजार के बाद आ रही बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों में भारी मारामारी थी। वहीं बसों की कमी का फायदा उठाने में निजी टैक्सी वाले भी पीछे नहीं रहे। ज्यादातर टैक्सियों द्वारा चंपावत से टनकपुर के 180 रुपये किराये के बजाय चार सौ रुपये तक वसूला गया।
चंपावत और लोहाघाट बस स्टेशन में बुधवार को भी यात्रियों को भारी दुश्वारी झेलनी पड़ी। बसों में जगह नहीं मिलने से दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को वापस लौटना पड़ा। लोहाघाट डिपो ने जबर्दस्त भीड़ के बावजूद अतिरिक्त बस सेवा नहीं चलाई। सुबह से ही मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले लोगों की भारी भीड़ रोडवेज स्टेशन में जुटनी शुरू हो गई थी। बस आते ही उसमें बैठने के लिए यात्रियों में इस कदर मारामारी रही, कि लोग खिड़कियों से भी सीट पाने के लिए बस में घुस रहे थे। वहीं चंपावत आने वाली बसें पहले से ही पैक आ रही थी। इसके चलते यात्रियों को भारी मुश्किल झेलनी पड़ी। टैक्सी से जाने वाली मुसाफिरों को दुगने से ज्यादा किराया देने को मजबूर होना पड़ा।
रोडवेज के कार्यवाहक इंचार्ज एसके मौर्या ने बताया कि रोडवेज ने बुधवार को आम दिनों की तरह ही 13 बसों का संचालन किया गया। इसमें दिल्ली के लिए चार, देहरादून के लिए तीन, ऋषिकेश, पोंटासाहिब, हल्द्वानी, नैनीताल, गुड़गांव और बरेली के लिए एक-एक बसें चलाई गई। डिपो में बसें कम होने से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने में दिक्कतें हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत और लोहाघाट बस स्टेशन में बुधवार को भी यात्रियों को भारी दुश्वारी झेलनी पड़ी। बसों में जगह नहीं मिलने से दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को वापस लौटना पड़ा। लोहाघाट डिपो ने जबर्दस्त भीड़ के बावजूद अतिरिक्त बस सेवा नहीं चलाई। सुबह से ही मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले लोगों की भारी भीड़ रोडवेज स्टेशन में जुटनी शुरू हो गई थी। बस आते ही उसमें बैठने के लिए यात्रियों में इस कदर मारामारी रही, कि लोग खिड़कियों से भी सीट पाने के लिए बस में घुस रहे थे। वहीं चंपावत आने वाली बसें पहले से ही पैक आ रही थी। इसके चलते यात्रियों को भारी मुश्किल झेलनी पड़ी। टैक्सी से जाने वाली मुसाफिरों को दुगने से ज्यादा किराया देने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
रोडवेज के कार्यवाहक इंचार्ज एसके मौर्या ने बताया कि रोडवेज ने बुधवार को आम दिनों की तरह ही 13 बसों का संचालन किया गया। इसमें दिल्ली के लिए चार, देहरादून के लिए तीन, ऋषिकेश, पोंटासाहिब, हल्द्वानी, नैनीताल, गुड़गांव और बरेली के लिए एक-एक बसें चलाई गई। डिपो में बसें कम होने से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने में दिक्कतें हो रही हैं।
विज्ञापन