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खतरे के निशान के करीब पहुंचा शारदा का जलस्तर
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:45 PM IST
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टनकपुर में ऊफनाई शारदा नदी।
शारदा का जल स्तर बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बैराज कंट्रोल रूम के मुताबिक सोमवार की दोपहर जल स्तर बढ़कर करीब 90 हजार क्यूसेक पहुंच गया था। बता दें कि शारदा का जल स्तर एक लाख क्यूसेक पहुंचते ही बैराज में रेड अलर्ट जारी कर बनबसा बैराज से वाहनों से आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।
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शारदा चुंगी कॉलोनी क्षेत्र में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से नदी तट पर स्थित खेतखेड़ा गांव की ओर भू-कटाव होने लगा है। एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल ने बताया कि शारदा के लगातार बढ़ते जल स्तर को देखते हुए शारदा चुंगी कॉलोनी क्षेत्र में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षा के प्रति सचेत किया गया है। आपदा प्रबंधन टीमें भी लगातार निगरानी कर रही है।
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सात घंटे में एक लाख क्यूसेक बढ़ा शारदा का जलस्तर
बनबसा। वर्षा के बाद शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक बढ़ गया। सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर करीब 61 हजार क्यूसेक था लेकिन दोपहर एक बजे बाद यह एक लाख क्यूसेक के पार हो गया। वहीं दोपहर दो बजे के बाद यह एक लाख क्यूसेक से बढ़कर 124885 क्यूसेक पहुंच गया, जो चार बजे 1.60 लाख क्यूसेक पहुंच गया था। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के साथ ही सुरक्षा के तहत बैराज पर से वाहनों की आवाजाही पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया है। जलस्तर बढ़ने से बैराज से आवागमन करने वाले भारतीयों के अलावा नेपाली नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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ये मार्ग अवरुद्ध
टनकपुर। निर्माणाधीन बारहमासी में सिन्याड़ी के पास मलबा आने से टनकपुर-चंपावत के बीच करीब आधा घंटा यातायात बाधित रहा, इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मलबा आने से सूखीढांग-डांडा-मीडार मोटर मार्ग बंद हो गया। पूर्णागिरि धाम मार्ग में बाटनागाड़ में भी मलबे ने यातायात प्रभावित किया। इधर टनकपुर चंपावत राजमार्ग में अमरू बैंड के पास भी मलवा आने से करीब आधा घंटा यातायात ठप रहा।
वहीं मां श्री पूर्णागिरि धाम में भैरव मंदिर के पास एक भारी भरकम पेड़ के रास्ते में गिरने से श्रद्धालुओं के वाहन आधा घंटे से अधिक समय तक भैरव मंदिर में ही फंसे रहे। बाद में वन विभाग व दुकानदारों ने पेड़ को काट कर रास्ता खोला तब जाकर यातायात सुचारु हो सका। बस्तिया गांव के पास सड़क में निर्मित कलमठ की पुलिया का आधा हिस्सा पहाड़ी से तेज बहाव में आए बरसाती पानी से बहकर किरोड़ा रोखड़ में पहुंच गया। पुलिया का आधा हिस्सा ध्वस्त होने से वहां सड़क कटनेे का खतरा भी बढ़ गया है। ग्राम प्रधान नवीन सिंह, पूर्व प्रधान सरोज देेवी, समाजसेेवी हरीश लापड़ आदि लोगों ने निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
खेतखेड़ा की ओर कटाव रोकने की मांग
टनकपुर। शारदा से हो रहे भू-कटाव ने खेतखेड़ा के ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है। गिरीश जोशी, कृष्ण सिंह महर आदि ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की ओर हो रहे कटाव की रोकथाम के जल्द उपाय करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि नदी का जल स्तर 90 हजार क्यूसेक पहुंचने पर ही भू-कटाव की यह स्थिति जल स्तर और बढ़ने पर भयावह हो सकती है, लिहाजा कटाव की रोकथाम के शीघ्र कदम उठाए जाए।
देर रात घरों से बाहर आए लोग
धारचूला। आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम धारचूला के अनुसार नारायण आश्रम के पास हिमखोला नाले का जलस्तर बढ़ने से लोगों को ऊंचे स्थानों पर ले जाया गया है। वहीं गलातीगाड़ में बाढ़ आने से करीब 40 परिवार सुरक्षा के लिए अपने घरों से सड़कों पर आए। ब्यूरो