{"_id":"5a81d5eb4f1c1bd34b8b84e2","slug":"rain-brought-smiles-to-farmer-s-faces","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम की दूसरी बरसात से काश्तकारों के चेहरे खिले ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम की दूसरी बरसात से काश्तकारों के चेहरे खिले
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
कड़ाके की ठंड के चलते लोहाघाट में अंगीठी को घेरे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह से शुरू हुई रिमझिम बरसात से काश्तकारों के चेहरे खिल उठे। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह हल्की बारिश गेहूं, आलू आदि फसल के लिए बेहतर साबित होगी। सर्दी के मौसम की यह दूसरी बरसात है। इससे एक पखवाड़े पूर्व हुई पहली बरसात के साथ ही ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात भी हो गया था। सोमवार को तापमान में गिरावट आने से ठिठुराती ठंड में बढ़ोत्तरी हो गई है।
मौसम के मिजाज को देखते हुए जिले के ऊंचाई वाले स्थानों में हिमपात की संभावनाएं लगाई जा रही है। सुबह से हुई बरसात के कारण सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। खुले में मेहनत मजदूरी करने वाले श्रमिकों के साथ ही अन्य लोगों ने भी आग सेंकते हुए दिन बिताया। कृषि विशेषज्ञ भूपेंद्र प्रकाश जोशी का कहना है कि यह बरसात आलू के काश्तकारों के लिए बेहतर साबित होगी। आलू की बुआई से पूर्व खेतों में पर्याप्त नमी होने से किसानों को अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा।
बाजारों में सन्नाटा, घरों में दुबके रहे लोग
लोहाघाट (चंपावत)। एकाएक मौसम के करवट बदलने के कारण तापमान में भारी गिरावट आ गई है। कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए लोग अंगीठी को घेरे रहे। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन
दिनभर होती रही बूंदाबादी, ठंड बढ़ी
टनकपुर। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सीमांत क्षेत्र में सोमवार को सुबह से ही हल्की बरसात होने से मौसम सर्द हो गया। कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए लोग दिनभर अलाव सेकते नजर आए। साथ ही सामान्य जनजीवन भी बारिश से प्रभावित रहा। शारदा से खनन कार्य में भी प्रभाव पड़ा। बारिश और कड़ाके की ठंड से छान मजदूर भी दिनभर झालों में दुबके रहे, जिससे खनिज छान का कार्य ठप रहा।
विज्ञापन
मौसम के मिजाज को देखते हुए जिले के ऊंचाई वाले स्थानों में हिमपात की संभावनाएं लगाई जा रही है। सुबह से हुई बरसात के कारण सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। खुले में मेहनत मजदूरी करने वाले श्रमिकों के साथ ही अन्य लोगों ने भी आग सेंकते हुए दिन बिताया। कृषि विशेषज्ञ भूपेंद्र प्रकाश जोशी का कहना है कि यह बरसात आलू के काश्तकारों के लिए बेहतर साबित होगी। आलू की बुआई से पूर्व खेतों में पर्याप्त नमी होने से किसानों को अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा।
विज्ञापन
बाजारों में सन्नाटा, घरों में दुबके रहे लोग
लोहाघाट (चंपावत)। एकाएक मौसम के करवट बदलने के कारण तापमान में भारी गिरावट आ गई है। कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए लोग अंगीठी को घेरे रहे। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन
दिनभर होती रही बूंदाबादी, ठंड बढ़ी
टनकपुर। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सीमांत क्षेत्र में सोमवार को सुबह से ही हल्की बरसात होने से मौसम सर्द हो गया। कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए लोग दिनभर अलाव सेकते नजर आए। साथ ही सामान्य जनजीवन भी बारिश से प्रभावित रहा। शारदा से खनन कार्य में भी प्रभाव पड़ा। बारिश और कड़ाके की ठंड से छान मजदूर भी दिनभर झालों में दुबके रहे, जिससे खनिज छान का कार्य ठप रहा।