चंपावत में मां नंदा सुनंदा महोत्सव शुरू: कलश यात्रा के साथ महोत्सव का हुआ श्रीगणेश, डीएम ने किया शुभारंभ
नंदा-सुनंदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार और मानेश्वर महादेव मंदिर मठाधीश धर्मराज पुरी जी ने मंदिर परिसर से झांकियों और कलश यात्रा को रवाना किया। े
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चंपावत नगर के ऐतिहासिक बालेश्वर महादेव मंदिर में सात दिवसीय मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार और मानेश्वर महादेव मंदिर मठाधीश धर्मराज पुरी जी ने मंदिर परिसर से झांकियों और कलश यात्रा को रवाना किया। स्कूली बच्चों की ओर से प्रस्तुत झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बृहस्पतिवार को महोत्सव के शुभारंभ पर डीएम मनीष कुमार ने कहा कि मां नंदा-सुनंदा महोत्सव उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। महोत्सव में स्कूली बच्चों की सक्रिय भागीदारी से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। बालेश्वर मंदिर से शुरू हुई झांकियां तल्लीहाट, भैरवा, मादली, जीआईसी और बस स्टेशन होते हुए मुख्य मोटर स्टेशन पहुंची। यहां स्कूली बच्चों ने विभिन्न झांकियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। महोत्सव समिति अध्यक्ष विजय वर्मा ने बताया कि महंत पवन गिरि ने गणेश पूजन, मातृ पूजन और नवग्रह पूजन समेत अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
उन्होंने बताया कि चंपावत में वर्ष 2007 से मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इससे पूर्व में यजमान प्रकाश चौधरी, नारायणदत्त गड़कोटी, निर्मल पुनेठा के हाथों पंडितों ने सभी काज कराए। कार्यक्रम संचालन अशोक वर्मा, शिक्षक नीरज जोशी, त्रिभुवन सौराड़ी, किशन सिंह बिष्ट ने किया। इस मौके पर महोत्सव समिति उपाध्यक्ष विकास साह, दायित्वधारी मुकेश महराना, श्याम नारायण पांडे, केएमवीएन निदेशक रोहित बिष्ट, प्रदेश मंत्री अनुसूचित मोर्चा सूरज प्रहरी, पूर्व महोत्सव समिति अध्यक्ष बहादुर फर्त्याल, प्रकाश पांडे, निर्मल पुनेठा, संतोष पांडे, कैलाश अधिकारी, मनीष महर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
10 विद्यालय के बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
झांकियों में 10 विद्यालयों के सैकड़ों बच्चों ने एक मंच पर लोक संस्कृति की झलक दिखाई। झांकी में मल्लिकार्जुन स्कूल, होली फेथ स्कूल, एपेक्स एकेडमी, मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, यूसीएसएस, कूर्मांचल संस्कृत स्कूल, सनसाइन, इंडस नेशनल स्कूल, जीजीआईसी, एबीसी अल्मामेटर स्कूल के सैकड़ों बच्चे शामिल रहे। बच्चों ने नागालैंड, केरल, नंदा देवी राज जात यात्रा, छोलिया दल, शिव तांडव, मां काली, दुर्गा, कृष्ण राधा आदि की झांकियां निकाली। झांकियों का मूल्यांकन कर पुरस्कार बांटे गए। निर्णायक विपिन पांडेय, कमलेश सक्टा, पीयूष जोशी ने वेशभूषा, अनुशासन, विषय वस्तु के आधार पर अंक प्रदान किए। झांकी में प्रथम मल्लिकार्जुन स्कूल, सनसाइन स्कूल द्वितीय, एबीसी अल्मामेटर तृतीय रहा।