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पाटनी तिराहे से एनएचपीसी गेट तक अंतरराष्ट्रीय मार्ग क्षतिग्रस्त
Fri, 21 Jun 2019 10:55 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Fri, 21 Jun 2019 10:55 PM IST
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क्षतिग्रस्त भारत -नेपाल मार्ग।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्रवासियों ने एनएचपीसी प्रबंधन से पाटनी तिराहे से एनएचपीसी गेट तक जीर्णशीर्ण हो चुके भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग उठाई है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जगह-जगह डामर उधड़ने के साथ सड़क पर गहरे गड्ढे पड़ चुके हैं। लोगों ने एनएचपीसी से जल्द इस मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग उठाई है।
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टनकपुर खटीमा एनएच से पूर्वी छोर नेपाल जाने वाला अंतरराष्ट्रीय मार्ग पाटनी तिराहे से एनएचपीसी गेट तक (करीब 1.2 किमी.) जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क उधड़ने के साथ ही जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि इस मार्ग से ही शारदा बैराज होकर नेपाल को आवागमन किया जाता है।
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भारत-नेपाल के बीच यही मार्ग आवागमन व व्यापार का वैधानिक मार्ग भी है। लंबे समय से पाटनी तिराहे से एनएचपीसी गेट तक यह सड़क जगह जगह क्षतिग्रस्त है। गौरतलब है कि पाटनी तिराहे से एनएचपीसी गेट तक इस सड़क की देखरेख की जिम्मेदारी एनएचपीसी प्रबंधन की है।
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नगर पंचायत अध्यक्षा रेनू अग्रवाल, व्यापार मंडल संरक्षक एसएन गोयल और संजय अग्रवाल, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी, गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद, समाजसेवी हेमेद्र सिंह रावत, बीडीसी सदस्य पुष्कर कापड़ी, गजेंद्र चंद, महेश जोशी, हेमा जोशी, सुधा बिष्ट आदि ने एनएचपीसी प्रबंधन से जल्द क्षतिग्रस्त मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग उठाई है। बता दें कि पिछले वर्ष एनएचपीसी ने इस मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की थी। लेकिन मार्ग फिर से ध्वस्त हो चुका है। इस संबंध में एनएचपीसी प्रबंधन से संपर्क नहीं होने से उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।