फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Loss in Champawat Fish Farm

Champawat News: बारिश से टूटा मत्स्य तालाब, छह क्विंटल मछलियां मरीं

Mon, 24 Jul 2023 01:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Mon, 24 Jul 2023 01:06 AM IST
विज्ञापन
Loss in Champawat Fish Farm
चंपावत। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश की वजह से चंपावत के दो मत्स्य तालाब टूट गए हैं। मत्स्यपालक लक्ष्मण सिंह महर ने बताया कि तालाबों के टूटने से छह क्विंटल से अधिक रेनबो ट्राउट प्रजाति की मछलियां मर गई हैं। इससे मत्स्यपालकों को डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। मत्स्यपालकों ने नुकसान की सूचना विभाग के अलावा आपदा नियंत्रण कक्ष में दी है। वहीं वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक केएस बगड़वाल ने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
विज्ञापन







चंपावत जिले में बंद हैं ग्रामीण क्षेत्रों की 18 सड़कें



चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग भले ही रविवार को पूरे दिन खुला रहा लेकिन धौन, स्वांला, अमोड़ी सहित कई जगह सफर करना जोखिमभरा बना हुआ है। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 18 मार्ग बंद हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि इन सभी सड़कों को खोलने के लिए मशीन भेजी गई हैं।
विज्ञापन




इनसेट चंपावत जिले की बंद ग्रामीण सड़कें



अमोड़ी-छतकोट, जैगांव-जैतोली, धौन-दियूरी-बजौन, सिप्टी-अमकड़िया, खटोली मल्ली-वैला, एसएच 29-खटोली मल्ली, धौन-सल्ली, चल्थी-नौलापानी, स्याला-पोथ, बांकू-सुल्ला-पासम, कमतोली-कोट, वल्सों-पुनियाल, चिलनियां-पुनौली, कुलियालगांव-साल, चमदेवल-निडिल, अमोड़ी-छतकोट-घुरचुम-पाली, बांकू-सुल्ला-रौत और सुई-गल्लागांव सड़क।
विज्ञापन
विज्ञापन








पूर्व और वर्तमान सांसदों को आपदाग्रस्त जिले की नहीं आ रही याद : धीरज



पिथौरागढ़। कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के सचिव धीरज चंद्र ने कहा कि आपदाग्रस्त जिले की याद पूर्व और वर्तमान सांसद को नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि जिले में लगातार आपदा आ रही है, सड़कें बंद हैं। ग्रामीण सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। सड़कें बंद होने से ग्रामीण पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। वर्तमान में जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में लोगों को ढाढ़स बंधाने वाला कोई नहीं है। पूर्व और वर्तमान सांसद को जरूरत के समय जनता के बीच खड़े होकर उनका हाल जानना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed