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जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिताएं शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:41 PM IST
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चंपावत में जिलास्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में कार्यक्रम पेश करती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार के तत्वावधान में जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिताएं शुरू हो गई है। जीआईसी सभागार में शुक्रवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी पुरोहित ने दो दिवसीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया।
शुभारंभ समारोह में जीजीआईसी की बालिकाओं ने जय जय हे भगवती सुर भारती की शानदार प्रस्तुति दी। जीआईसी मूलाकोट की छात्राओं ने सागरम सागरीयं नमामे वयं गीत की प्रस्तुति दी। जिला संयोजक बाजश्रवा आर्य ने संस्कृत प्रतियोगिताओं के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में संस्कृत की छह-छह प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
प्रतियोगिता में समूहगान, समूह नृत्य, संस्कृत नाटक, आशु भाषण, वाद विवाद और श्लोकोच्चारण आदि प्रतियोगिताएं होगी। जिसमें सभी ब्लाकों में पहले और दूसरे स्थान पर रहे प्रतिभागियों को शामिल किया गया है। इस मौके पर डॉ.कमलेश सक्टा, डॉ.तिलकराज जोशी, डॉ.हरिशंकर गहतोड़ी, प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश गहतोड़ी आदि ने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।
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प्रतियोगिताओं के निर्णायकों में गिरीश चंद्र पांडेय, डॉ.कमलेश सक्टा, वेदव्रत शर्मा, नमिता मुरारी, सामश्रवा आर्य, हरीश कलौनी आदि शामिल रहे। प्रतियोगिताओं के संचालन में बीना चौधरी, चंद्र सिंह पुजारी, सुरेश राम आर्य, अशोक कुमार खर्कवाल, हरीश चंद्र गहतोड़ी, जगत सिंह सामंत और सह संयोजक जगदीश चंद्र जोशी आदि शामिल रहे।
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शुभारंभ समारोह में जीजीआईसी की बालिकाओं ने जय जय हे भगवती सुर भारती की शानदार प्रस्तुति दी। जीआईसी मूलाकोट की छात्राओं ने सागरम सागरीयं नमामे वयं गीत की प्रस्तुति दी। जिला संयोजक बाजश्रवा आर्य ने संस्कृत प्रतियोगिताओं के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में संस्कृत की छह-छह प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
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प्रतियोगिता में समूहगान, समूह नृत्य, संस्कृत नाटक, आशु भाषण, वाद विवाद और श्लोकोच्चारण आदि प्रतियोगिताएं होगी। जिसमें सभी ब्लाकों में पहले और दूसरे स्थान पर रहे प्रतिभागियों को शामिल किया गया है। इस मौके पर डॉ.कमलेश सक्टा, डॉ.तिलकराज जोशी, डॉ.हरिशंकर गहतोड़ी, प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश गहतोड़ी आदि ने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।
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प्रतियोगिताओं के निर्णायकों में गिरीश चंद्र पांडेय, डॉ.कमलेश सक्टा, वेदव्रत शर्मा, नमिता मुरारी, सामश्रवा आर्य, हरीश कलौनी आदि शामिल रहे। प्रतियोगिताओं के संचालन में बीना चौधरी, चंद्र सिंह पुजारी, सुरेश राम आर्य, अशोक कुमार खर्कवाल, हरीश चंद्र गहतोड़ी, जगत सिंह सामंत और सह संयोजक जगदीश चंद्र जोशी आदि शामिल रहे।