{"_id":"5b2406334f1c1b6c4d8b6bdc","slug":"more-forest-burns-this-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस साल जले ज्यादा जंगल ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इस साल जले ज्यादा जंगल
चंपावत
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:02 AM IST
विज्ञापन
wild fire
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में फायर सीजन की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई है। इस साल समय-समय पर बरसात होने से वन विभाग को दावानल से निपटने में खासी राहत मिली। बावजूद इसके इस वर्ष जिले के आरक्षित और पंचायती वनों में आग लगने की 84 घटनाओं में 133.46 हेक्टेयर वन क्षेत्रफल को नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट ने बताया कि आरक्षित वन में आग लगने की 60 घटनाओं में 92.06 हेक्टेयर वनों को नुकसान पहुंचा है। इसमें 207135 रुपये मूल्य की अनुमानित क्षति हुई है। इसके अलावा सिविल और पंचायती वनों में आग लगने की 24 घटनाओं में 41.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले वनों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें 93150 रुपये की अनुमानित क्षति हुई है।
विज्ञापन
इस तरह जिले में आग की 84 घटनाओं में 133.46 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचने के साथ कुल तीन लाख 285 रुपये की अनुमानित क्षति हुई है। जंगल की आग को लेकर जिले में 64740.75 हेक्टेयर वन क्षेत्र को काफी संवेदनशील माना जाता है। बीते साल आरक्षित क्षेत्र में 20 व पंचायती और सिविल वनों के आग लगने 14 घटनाएं हुई थी। इससे आरक्षित वन का 31.90 हेक्टेयर और पंचायती व सिविल वनों का 18.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल का नुकसान हुआ था।
विज्ञापन
आग बुझाने के दौरान घायल हुआ एक वनरक्षक
चंपावत। जिले में इस वर्ष जंगल की आग पर काबू पाने के दौरान वन विभाग का एक वनरक्षक घायल हो गया था। 27 मई को चंपावत रेंज के बडोली कंपार्ट में आग बुझाने के दौरान वनरक्षक प्रकाश गिरि घायल हो गए थे, जिनका उपचार चल रहा है।