{"_id":"5efc3a5c8ebc3e42c6239c5f","slug":"champawats-superve-performance-in-savings173","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंपावत : छोटा जिला, बड़ी बचत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंपावत : छोटा जिला, बड़ी बचत
विज्ञापन
सांख्यिकीय अधिकारी प्रकाश जोशी।
- फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। उत्तराखंड के सबसे छोटे जिलों में से एक चंपावत ने राष्ट्रीय बचत में दमदार प्रदर्शन किया है। इस छोटे जिले ने बचत में बड़ी उछाल मारी है। बीते वित्त वर्ष में लक्ष्य से 176.66 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। विभाग को बीस सूत्रीय कार्यक्रम में ए श्रेणी हासिल हुई है।
विज्ञापन
चंपावत जिले की आबादी महज पौने तीन लाख है, मगर यह जिला दीर्घकालीन बचत करने में खासा आगे हैं। जिला बचत अधिकारी का अतिरिक्त जिम्मा देख रहे एनबी बचखेती ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में जिले ने 6120 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 10824.84 लाख (176.66 प्रतिशत) लक्ष्य हासिल किया।
उद्योगविहीन और खेती में फिसड्डी इस जिले की कारोबारी स्थिति खासी कमजोर हैं। बचत का ये आकड़ा जिले की कमजोर माली हालत और विभागीय टोटे के बावजूद हासिल होना उपलब्धिभरा है। चंपावत जिले में जिला बचत अधिकारी की कुर्सी बीते छह वर्षो से खाली है। पूरा विभाग महज एक अपर सांख्यिकी अधिकारी आरसी जोशी के सहारे चल रहा है।
विज्ञापन
---::: विकास के लिए महत्वपूर्ण है राष्ट्रीय बचत :: बचत विभाग के अपर सांख्यिकी अधिकारी प्रकाश जोशी बताते हैं कि बचत की व्यक्ति से लेकर प्रदेश के विकास तक में अहम भूमिका है। राज्य की विकास योजनाओं के लिए राष्ट्रीय बचत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार बचत जमा राशि का शत-प्रतिशत राज्यों को कर्ज के रूप में देती है। कुल दीर्घकालिक जमा का 100 प्रतिशत केंद्र सरकार राज्यों को विकास कार्यो के लिए देती है।
चंपावत जिले में बचत की प्रगति का ब्यौरा:
वर्ष- लक्ष्य- उपलब्धि (करोड़ रुपये में ): 2017ः 21.30- 43.74 2018ः 56.15- 85.20 2019ः 61.20- 108.23
विज्ञापन
विज्ञापन