फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Aquaculture plant will be set up in Chheedapani at a cost of Rs 3.60 crore.

Champawat News: छीड़ापानी में 3.60 करोड़ की लागत से लगेगा एक्वाकल्चर प्लांट

Wed, 27 Dec 2023 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Wed, 27 Dec 2023 10:55 PM IST
विज्ञापन
Aquaculture plant will be set up in Chheedapani at a cost of Rs 3.60 crore.
चंपावत। जिला मुख्यालय के छीड़ापानी स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शीत जल मात्स्यिकी अनुसंधान केंद्र में 3.60 करोड़ रुपये से एक्वाकल्चर प्लांट लगाया जाएगा। अनुसंधान केंद्र में एक्वाकल्चर प्लांट के माध्यम से ठंडे पानी को रिसाइकिल कर फिर से प्रयोग में लाया जाएगा। प्लांट लगने से अनुसंधान केंद्र की जरूरतों के साथ ही रेनबो ट्राउट प्रजाति के मछली के अंडों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन

अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. कुणाल किशोर के अनुसार केंद्र में राज्य का पहला रि रेस्कूलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरआरएएस) लगाया जाना है। इसके लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्लांट के माध्यम से ठंडे पानी को रिसाइकिल कर फिर से केंद्र के अनुसंधान कार्यो के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ समय से केंद्र में पानी की कमी होने से ठंडे पानी में रहने वाली रेनेबो ट्राउट प्रजाति की मछलियों के पालन पोषण में दिक्कतें आ रही थीं। अब एक्वाकल्चर प्लांट लगने से पानी की कमी को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि प्लांट के लगने से पानी का तापमान स्थिर रहेगा और ठंडे पानी में रहने वाली ट्राउट मछलियों को लगातार साफ, ठंडा और बहता हुआ पानी मिलेगा।
विज्ञापन

बाक्स
केंद्र में प्रतिदिन होती है डेढ़ लाख लीटर ठंडे पानी की जरूरत
चंपावत। छीड़ापानी स्थित शीत जल मात्स्यिकी अनुसंधान केंद्र में मछलियों के लिए प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर ठंडे पानी की जरूरत होती है। लेकिन बीते कुछ दिनों से पानी की आपूर्ति में कुछ कमी आई है। इसको दूर करने के लिए अनुसंधान केंद्र में एक्वाकल्चर सिस्टम लगाया जा रहा है। इससे ट्राउट प्रजाति की मछलियों के अंडों का अधिक उत्पादन हो सकेगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

बाक्स
प्लांट से हर आठ घंटे में बदलता रहेगा पानी
चंपावत। छीड़ापानी में रि रेस्कूलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम का प्लांट से हर आठ घंटे में पानी बदलता रहेगा। अनुसंधान केंद्र के प्रभारी के अनुसार केंद्र में पहले से बनाए गए 50 लाख लीटर क्षमता के टैंक से प्लांट में पानी सप्लाई किया जाएगा। जो हर आठ घंटे में रिसाइकिल होता रहेगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed