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प्रसव पीड़िता को अस्पताल में नहीं किया भर्ती, अस्पताल के गेट पर जन्मी बेटी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 11:33 PM IST
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A WOMAN WAS NOT ADMITTED TO A HOSPITAL AND SHE GAVE BIRTH TO A CHILD ON THE GATE
प्रसव पीड़िता मजदूर महिला से पूछताछ करते एसडीएम हिमांशु कफल्टिया। - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। जच्चा-बच्चा कार्ड नहीं लाने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया। प्रसव पीड़िता के काफी गुहार लगाने पर भी स्वास्थ्य कर्मी नहीं पसीजे। इस बीच गर्भवती ने अस्पताल के गेट पर ही बेटी को जन्म दे दिया। इस बीच स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे राज्य आंदोलनकारियों ने इसका विरोध किया तब जाकर प्रसूता को अस्पताल में भर्ती किया गया।
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जिला सीतापुर यूपी निवासी सुभाष कश्यप अपनी गर्भवती पत्नी और बच्चों को लेकर शारदा में खनन मजदूरी करने आए हैं। शनिवार को उसकी पत्नी मीरा को प्रसव पीड़ा हुई तो वह अपने छोटे पुत्र के साथ संयुक्त चिकित्सालय पहुंची, लेकिन जच्चा-बच्चा टीकाकरण कार्ड नहीं होने पर स्वास्थ्य कर्मी ने उसका ओपीडी पर्चा बनाने से इंकार कर दिया। प्रसव पीड़ा से कराह रही पीड़िता मायूस होकर अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास बैठ गई। इसी बीच महिला का पति अस्पताल पहुंचा और उसने भी स्वास्थ्य कर्मी से पत्नी को अस्पताल में भर्ती करने की गुजारिश की लेकिन ओपीडी कर्मी ने उससे भी पंजीकरण के लिए टीकाकरण कार्ड दिखाने के लिए कहा।
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इस बीच महिला ने अस्पताल के प्रवेश द्वार पर ही बेटी को जन्म दे दिया। प्रसव पीड़िता के गेट पर बच्चा जनने की खबर पर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे राज्य आंदोलनकारी भड़क गए और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का विरोध किया तब जाकर जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया गया। मीरा ने बताया कि वह सीतापुर से अपना टीकाकरण कार्ड लाना भूल गई थी। इसी कारण अस्पताल में पंजीकरण से मना किया गया।
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सीएमएस को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश
गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं करने का पता चलने पर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने अस्पताल जाकर पीड़ित महिला का हाल जाना और घटना के बारे में पूछताछ की। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को गंभीरता से लेकर एसडीएम ने सीएमएस से मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।
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