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मधुमेह दिवस के लिए:चंपावत में 13 प्रतिशत लोग मधुमेह की गिरफ्त में
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:55 PM IST
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चंपावत। जिले में तेजी से मधुमेह के रोगी पांव पसार रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक करीब 13 प्रतिशत लोग इसकी चपेट में है। वहीं, 12 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनमें मधुमेह के शुरुआती लक्षण पाए गए हैं।
अलबत्ता जिला अस्पताल में इसकी नि:शुल्क जांच की सुविधा है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि जिला अस्पताल में गैर संक्रामक रोग निवारण और नियंत्रण कार्यक्रम (एनसीडीसीपी) के अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की कई अन्य जांचों के साथ मधुमेह की भी नि:शुल्क जांच की सुविधा है।
एनसीडीसीपी के अंतर्गत बीते डेढ़ वर्ष में चार हजार से अधिक लोगों का परीक्षण किया जा चुका है। डॉ.जोशी का कहना है कि मधुमेह के लक्षणों (अधिक प्यास लगना, अधिक भूख लगना, थकावट, वजन में कमी) की आहट होने पर ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी बताते हैं कि तेजी से पांव पसार रही मधुमेह से घबराने के बजाय संतुलित दिनचर्या के जरिए इस पर काबू पाने का प्रयास करना चाहिए।
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नियमित रूप से दवाओं के अलावा शारीरिक व्यायाम, खानपान में परहेज, मीठी चीजों का सेवन न करना और तनाव से दूर रहना जरूरी है। मधुमेह के अनियंत्रित होने पर इसका असर किडनी, लीवर, ह्दय, आंख, मस्तिष्क सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों पर पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
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अलबत्ता जिला अस्पताल में इसकी नि:शुल्क जांच की सुविधा है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि जिला अस्पताल में गैर संक्रामक रोग निवारण और नियंत्रण कार्यक्रम (एनसीडीसीपी) के अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की कई अन्य जांचों के साथ मधुमेह की भी नि:शुल्क जांच की सुविधा है।
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एनसीडीसीपी के अंतर्गत बीते डेढ़ वर्ष में चार हजार से अधिक लोगों का परीक्षण किया जा चुका है। डॉ.जोशी का कहना है कि मधुमेह के लक्षणों (अधिक प्यास लगना, अधिक भूख लगना, थकावट, वजन में कमी) की आहट होने पर ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी बताते हैं कि तेजी से पांव पसार रही मधुमेह से घबराने के बजाय संतुलित दिनचर्या के जरिए इस पर काबू पाने का प्रयास करना चाहिए।
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नियमित रूप से दवाओं के अलावा शारीरिक व्यायाम, खानपान में परहेज, मीठी चीजों का सेवन न करना और तनाव से दूर रहना जरूरी है। मधुमेह के अनियंत्रित होने पर इसका असर किडनी, लीवर, ह्दय, आंख, मस्तिष्क सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों पर पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।