बागेश्वर। कपकोट तहसील क्षेत्र में जड़ी-बूटी उत्पादन के प्रति लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। ह्यूमन इंडिया किसानों को पारंपरिक खेती के साथ औषधीय पौधों के उत्पादन के लिए जागरूक कर रही है। बसकूना गांव में भी संस्थान ने कार्यशाला का आयोजन कर महिला समूहों को जड़ी-बूटी उत्पादन के लाभ बताए। औषधीय पौधों की पैदावार बढ़ाकर आर्थिक स्तर में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया।
बसकूना गांव में हुई कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया ने किया। उन्होंने कहा कि कपकोट तहसील में औषधीय पौधों के पैदावार की अपार संभावनाएं हैं। ह्यूमन इंडिया की पहल पर तोली, पोथिंग आदि गांवों में महिलाएं जड़ी-बूटी उत्पादन कर रही हैं। अन्य गांवों के किसान भी पारंपरिक कृषि के अलावा वैकल्पिक तौर पर औषधीय पौधों का उत्पादन कर लाभ अर्जित करें। संस्था के जिला समन्वयक भूपाल सिंह गढ़िया ने बताया कि क्षेत्र में होने वाली पैदावार को डाबर इंडिया कंपनी खरीद लेती है, जिससे उत्पादकों को विपणन संबंधी कोई दिक्कत नहीं आती है। उन्होंने महिला समूहों को लोध, कचनार, तिमूर, एलोवीरा, वरुण आदि पौधों की जानकारी देकर इनके लाभ बताए और बंजर पड़ती जा रही जमीन पर इनका उत्पादन करने को कहा। कार्यशाला में महिला मंगल दल अध्यक्ष मुन्नी देवी, प्रेमा देवी, कमला देवी, तारा देवी, लीला मेहता, ममता देवी, तुलसी देवी आदि मौजूद रहे।