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Bageshwar News: बागेश्वर में बनेगा बंदर बाड़ा, जंगली सूअरों के लिए पायलट प्रोजेक्ट
Wed, 09 Sep 2026 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 09 Sep 2026 11:52 PM IST
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बागेश्वर। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग ने कवायद तेज कर दी है। इसके तहत कपकोट और ग्लेशियर वन क्षेत्रों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों, सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ कार्यशाला आयोजित की गई।
बृहस्पतिवार को डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने बंदरों और जंगली सूअरों से फसलों और बागानों को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई। डीएफओ ने बताया कि जिले में जल्द बंदर बाड़े का निर्माण किया जाएगा। पकड़े गए बंदरों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत यहां रखा जाएगा। बाड़े के संचालन के लिए जल्द पशु चिकित्सक की नियुक्ति भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए कपकोट, गरुड़ और बागेश्वर तीनों विकासखंडों के तीन-तीन गांवों का चयन किया जाएगा। इन गांवों में रिमोट सेंसिंग तकनीक से युक्त पिंजरों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष का स्थायी समाधान वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से ही संभव है। कार्यशाला में रेंजर कपकोट नारायण दत्त पांडेय, ग्लेशियर रेंज की रेंजर डॉली डोभाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने बंदरों और जंगली सूअरों से फसलों और बागानों को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई। डीएफओ ने बताया कि जिले में जल्द बंदर बाड़े का निर्माण किया जाएगा। पकड़े गए बंदरों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत यहां रखा जाएगा। बाड़े के संचालन के लिए जल्द पशु चिकित्सक की नियुक्ति भी की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए कपकोट, गरुड़ और बागेश्वर तीनों विकासखंडों के तीन-तीन गांवों का चयन किया जाएगा। इन गांवों में रिमोट सेंसिंग तकनीक से युक्त पिंजरों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष का स्थायी समाधान वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से ही संभव है। कार्यशाला में रेंजर कपकोट नारायण दत्त पांडेय, ग्लेशियर रेंज की रेंजर डॉली डोभाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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