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218 गांवों में रातभर बत्ती गुल
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बागेश्वर से कपकोट के बीच घिरोली गांव में चीड़ के पेड़ से टूटा हाइटेंशन लाइन का तार।
- फोटो : BAGESHWAR
कपकोट/बागेश्वर। भूस्खलन के कारण रविवार रात कपकोट रूट की 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया। इस कारण कपकोट क्षेत्र के 218 गांवों में रविवार रातभर बिजली गुल रही। लाइन जोड़ने पर 14 घंटे के बाद ही बिजली बहाल हुई।
रविवार शाम सात बजे बागेश्वर-कपकोट मुख्य 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे कपकोट क्षेत्र के 218 गांवों में अंधेरा छा गया। फॉल्ट की तलाश में रात में हर पोल की चेकिंग की गई। रात 10 बजे टीम को घिरोलीगांव के पास जंगल में 33केवी लाइन में भूस्खलन के कारण पेड़ गिरा मिला, पेड़ की चपेट में आकर बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। अंधेरा होने के कारण रात में तार नहीं खींचा जा सका।
सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे से टीम मरम्मत में जुटी। यूपीसीएल के ईई भास्कर पांडे ने बताया कि चार घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े नौ बजे लाइन चालू की गई।
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वहीं कांडा के कभाटा क्षेत्र में बिजली की ढीली लाइन झूल रही है। इस कारण खेतों में काम कर रहे लोगों को करंट लगने का खतरा है। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से सभी पुराने पोल और तार बदलने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
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रविवार शाम सात बजे बागेश्वर-कपकोट मुख्य 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे कपकोट क्षेत्र के 218 गांवों में अंधेरा छा गया। फॉल्ट की तलाश में रात में हर पोल की चेकिंग की गई। रात 10 बजे टीम को घिरोलीगांव के पास जंगल में 33केवी लाइन में भूस्खलन के कारण पेड़ गिरा मिला, पेड़ की चपेट में आकर बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। अंधेरा होने के कारण रात में तार नहीं खींचा जा सका।
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सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे से टीम मरम्मत में जुटी। यूपीसीएल के ईई भास्कर पांडे ने बताया कि चार घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े नौ बजे लाइन चालू की गई।
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वहीं कांडा के कभाटा क्षेत्र में बिजली की ढीली लाइन झूल रही है। इस कारण खेतों में काम कर रहे लोगों को करंट लगने का खतरा है। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से सभी पुराने पोल और तार बदलने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।