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भाषा शैली मजबूत भी हो और प्रभावी भी : डीएम
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बागेश्वर डायट में हिंदी भाषा संगोष्ठी के समापन पर प्रतिभागी को प्रमाणपत्र देतीं डीएम रंजना राजग
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में चल रही दो दिनी राज्य स्तरीय हिंदी भाषा संगोष्ठी का समापन हो गया। डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि बच्चों को सरल और सुगम रूप में बेहतर शिक्षा दी जाए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो। इसके लिए यह जरूरी है कि शिक्षकों की शिक्षण शैली विशेषकर भाषा शैली न केवल मजबूत हो, बल्कि प्रभावी भी हो।
डीएम ने कहा कि शिक्षक शिक्षण कार्य को न केवल सरल और सुगम रूप में संपादित करें बल्कि भाषायी ज्ञान पर भी विशेष ध्यान दें। सूचना प्रौद्योगिकी युग में यह आवश्यक है कि हमारी पकड़ अधिक से अधिक भाषाओं पर हो, ताकि संप्रेषण में भाषीय बाधा न आए। डीएम ने डायट की हिंदी भाषा प्रशिक्षण पैकेज पुस्तक ओजस और प्रारंभिक बाल विज्ञान मेला मैनुअल पुस्तकों का अनावरण किया।
इससे पहले संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट वक्ता आरकेपुरम दिल्ली डायट की प्राचार्य शारदा कुमारी ने कक्षा कक्ष में शिक्षण और बच्चे की भाषा के पारस्परिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि भाषा शिक्षण काफी कठिन है। इसे सरल बनाया जा सकता है। बागेश्वर डायट के प्राचार्य एसबी जोशी ने जिलाधिकारी और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संगोष्ठी में राज्य के सभी जिलों के शिक्षकों और डायट अधिकारियों प्रतिभाग किया। संगोष्ठी में 40 से अधिक भाषायी लेख और शोध पत्र प्राप्त हुए। कार्यक्रम में गुरूवचन सिंह, अपर निदेशक शिक्षा रघुनाथ आर्या, मुख्य शिक्षाधिकारी नरेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी पदमेंद्र सकलानी, केएस रावत, प्रवक्ता राजीव जोशी आदि मौजूद थे।
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डीएम ने कहा कि शिक्षक शिक्षण कार्य को न केवल सरल और सुगम रूप में संपादित करें बल्कि भाषायी ज्ञान पर भी विशेष ध्यान दें। सूचना प्रौद्योगिकी युग में यह आवश्यक है कि हमारी पकड़ अधिक से अधिक भाषाओं पर हो, ताकि संप्रेषण में भाषीय बाधा न आए। डीएम ने डायट की हिंदी भाषा प्रशिक्षण पैकेज पुस्तक ओजस और प्रारंभिक बाल विज्ञान मेला मैनुअल पुस्तकों का अनावरण किया।
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इससे पहले संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट वक्ता आरकेपुरम दिल्ली डायट की प्राचार्य शारदा कुमारी ने कक्षा कक्ष में शिक्षण और बच्चे की भाषा के पारस्परिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि भाषा शिक्षण काफी कठिन है। इसे सरल बनाया जा सकता है। बागेश्वर डायट के प्राचार्य एसबी जोशी ने जिलाधिकारी और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संगोष्ठी में राज्य के सभी जिलों के शिक्षकों और डायट अधिकारियों प्रतिभाग किया। संगोष्ठी में 40 से अधिक भाषायी लेख और शोध पत्र प्राप्त हुए। कार्यक्रम में गुरूवचन सिंह, अपर निदेशक शिक्षा रघुनाथ आर्या, मुख्य शिक्षाधिकारी नरेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी पदमेंद्र सकलानी, केएस रावत, प्रवक्ता राजीव जोशी आदि मौजूद थे।
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