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फायरमैन की बेटी के इलाज के लिए डीजीपी ने 12 घंटे में दिलाए 12 लाख

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 11:04 PM IST
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DGP got 12 lakhs in 12 hours for the treatment of fireman's daughter
अक्षिता आप जल्द स्वस्थ होकर लौटोगी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। डीजीपी अशोक कुमार पुलिस सुधार के साथ ही पुलिस कर्मियों की समस्या भी सुलझा रहे हैं। उनके कार्यकाल में पुलिस की जीवन रक्षा निधि पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों के लिए मददगार बनी है। डीजीपी ने सोशल मीडिया से जानकारी मिलने के बाद बागेश्वर में तैनात फायरमैन की बीमार बच्ची के इलाज के लिए निधि से 12 लाख रुपये की राशि 12 घंटे से भी कम समय में फायरमैन के खाते में डलवा दी।
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जिले के कपकोट फायर स्टेशन में तैनात बलवंत सिंह राणा की ढाई वर्ष की बेटी अक्षिता का स्वास्थ्य खराब है। उसका लखनऊ के पीजीआई अस्पताल से उपचार चल रहा है। बच्ची का बोन मैरो ट्रांसप्लांट होना है, जिसमें करीब 12 लाख रूपए खर्च आ रहा है। शनिवार को फायरमैन के सामने आई परेशानी की पोस्ट सोशल मीडिया में देखने पर डीजीजी अशोक कुमार ने तत्काल एसपी अमित श्रीवास्तव से बच्ची के संबंध में जानकारी ली और फायरमैन राणा के बैंक खाते में जीवन रक्षा निधि से 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। डीजीपी ने फायर मैन बलवंत सिंह राणा और परिजनों से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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डीजीपी ने पीजीआई लखनऊ में डॉक्टरों से बात कर बच्ची का बेहतर इलाज करवाने का भरोसा भी परिजनों को दिया। एसपी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को ही पुलिस महानिदेशक के संज्ञान में यह मामला आया और शाम को ही फायरमैन राणा के खाते में 12 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर हो गई। इससे बच्ची का इलाज कराने में मदद मिलेगी। बताया कि इस निधि का उपयोग पुलिस कर्मी पुलिस कर्मी की पत्नी, माता, पिता, अविवाहित पुत्र/पुत्री (कोई आयु सीमा नहीं) जो उन पर पूरी तरह से आश्रित हों, कर सकते हैं। तमाम लोगों ने डीजीपी की तत्परता की सराहना की है।
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लगातार खून चढ़ाना पड़ता है अक्षिता को
बागेश्वर। फायरमैन राणा ने लखनऊ से फोन पर अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बच्ची को बीते 25 मई को ही पीजीआई में दिखाया था। 29 मई तक वह अस्पताल में एडमिड रही। 23 और चार जून को एक बार फिर अक्षिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसको लगातार खून चढ़ाना पड़ता है। शनिवार से वह लखनऊ स्थित ननिहाल में है। उसका स्वास्थ्य सामान्य है। अक्षिता को बोन मैरो ट्रांसप्लांट होना है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और एसपी अमित श्रीवास्तव का आभार जताया है। कहा है कि डीजीपी की उदारता से उनकी बच्ची का इलाज हो पाएगा।
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