{"_id":"61b24381d990f45c2b72adc9","slug":"cenal-closed-in-bageshwar-bageshwar-news-hld4471299185","type":"story","status":"publish","title_hn":"गूल और खेतों की मरम्मत नहीं होने से नाराज बिलौना के लोगों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गूल और खेतों की मरम्मत नहीं होने से नाराज बिलौना के लोगों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
बागेश्वर के बिलौना में नहर की मरम्मत की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। नगरपालिका क्षेत्र के बिलौना वार्ड में पेयजल लाइन निर्माण के नाम पर खोदे गए खेतों और सिंचाई गूल से मलबा न हटाने से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने नगरपालिका अध्यक्ष को ज्ञापन भेजकर खेतों को हुए नुकसान की भरपाई और क्षतिग्रस्त गूल की मरम्मत करवाने की मांग की।
खरही पंपिंग पेयजल योजना के नवनिर्माण के लिए पेयजल निगम ने पिछले महीने तल्ला बिलौना से लाइन बिछाने के लिए खेतों से खोदाई शुरू करवाई थी। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया और खोदाई बंद करने को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
लोगों के विरोध को देखते हुए विभाग ने खेतों की खोदाई का काम बंद कर दिया। वहीं लोगों का कहना है कि खोदे गए खेतों से मलबा नहीं हटाया गया। सिंचाई गूल भी क्षतिग्रस्त कर दी है। अब किसानों के सामने सिंचाई और बुवाई का संकट हो गया है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को किसानों ने खेतों में प्रदर्शन कर जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी की। वहां हरक कनवाल, सोबन सिंह मेर, शंकर कनवाल, जगदीश टाकुली, पुष्कर कनवाल, पूरन गुरुरानी, धन सिंह, सुंदर भंडारी आदि रहे।
विज्ञापन
खरही पंपिंग पेयजल योजना के नवनिर्माण के लिए पेयजल निगम ने पिछले महीने तल्ला बिलौना से लाइन बिछाने के लिए खेतों से खोदाई शुरू करवाई थी। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया और खोदाई बंद करने को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
विज्ञापन
लोगों के विरोध को देखते हुए विभाग ने खेतों की खोदाई का काम बंद कर दिया। वहीं लोगों का कहना है कि खोदे गए खेतों से मलबा नहीं हटाया गया। सिंचाई गूल भी क्षतिग्रस्त कर दी है। अब किसानों के सामने सिंचाई और बुवाई का संकट हो गया है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को किसानों ने खेतों में प्रदर्शन कर जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी की। वहां हरक कनवाल, सोबन सिंह मेर, शंकर कनवाल, जगदीश टाकुली, पुष्कर कनवाल, पूरन गुरुरानी, धन सिंह, सुंदर भंडारी आदि रहे।