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बागेश्वर में मांग से आधा मिल रहा पा
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ बागेश्वर
Updated Sun, 26 Apr 2015 10:43 PM IST
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सरयू, गोमती के संगम पर बसे बागेश्वर नगर के लोगों को जरूरत के मुताबिक पेयजल नहीं मिल रहा है। जो पानी मिल भी रहा है, तो वह भी गुणवत्तायुक्त नहीं है। यहां 22 हजार की आबादी रोजाना 15 लाख लीटर पानी से गुजारा कर रही है। नगर की प्सास बुझाने के लिए इतने ही पानी की जरूरत और है।
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नगर में आबादी बढ़ती रही लेकिन इसके मुताबिक पेयजल की क्षमता नहीं बढ़ी। यहां दो पंपिंग योजनाएं सरयू नदी से और एक ग्रेविटी आधारित योजना अमसरकोट से बनी है। अमसरकोट पेयजल योजना से नगर में तहसील मार्ग के ऊपरी इलाकों को वितरण होता है। बढ़ती आबादी के कारण यहां हमेशा ही पेयजल की किल्लत बनी रहती है। सरयू की पेयजल योजनाओं से जुडे़ कठायतबाड़ा, चौरासी क्षेत्र भी अधिक समस्याग्रस्त हैं। इन इलाकों में भी हमेशा ही पेयजल की किल्लत रहती है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार नगरीय इलाकों में प्रति व्यक्ति को रोजाना 135 लीटर पानी मिलना चाहिए। इन मानकों के मुताबिक बागेश्वर नगर के लोगों को आधा ही पानी मिल रहा है। वितरण संबंधी खामियों के कारण कुछ स्थानों पर जरूरत से अधिक तो कुछ स्थानों पर बहुत ही कम पानी आता है।
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पेयजल योजनाआें के पाइप टूटने, पंपिंग योजनाओं में बारिश के वक्त सिल्ट भर जाने के कारण कई बार, तो पानी नहीं आता, गंदे पानी की सप्लाई होती है। जल संस्थान के अनुसार कठायतबाड़ा, अमसरकोट की दोनों पेयजल योजनाएं पुरानी, जीर्ण हो गई हैं। नगर में 22 हजार की आबादी को रोजाना 30 लाख लीटर पेयजल की जरूरत है लेकिन 15 लाख लीटर ही मिल पा रहा है। नगर क्षेत्र में 30 हैंडपंप भी पेयजल के लिए लगाए गए हैं।