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16 में से आठ सरकारी गोदाम अब भी किराए के भवन में
बागेश्वर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:06 PM IST
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राज्य बने 16 साल हो चुके हैं, लेकिन अब भी जिले के आठ सरकारी खाद्यान्न गोदाम किराए के मकानों में चल रहे हैं। जिन भवनों में गोदाम चल रहे हैं। उनकी हालत कुछ खास नहीं है। कुछ कमरे तो सीलन से भरे हैं, जिस कारण सरकारी अन्न के खराब होने की आशंका बनी रहती है। क्षेत्र के लोग गोदाम बनाने की अब तक कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी अबतक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
मालूम हो कि जिले में कुल 16 सरकारी अनाज के गोदाम हैं। इनमें से 500-500 मीट्रिक टन अनाज की क्षमता के बागेश्वर और गरुड़, 300 मीट्रिक टन कांडा, 200- 200 मीट्रिक टन काफली, उगियां, लोहारखेत और शामा, 100 मीट्रिक टन अनाज की क्षमता के गोगिना मल्खाडुंगर्चा, खाती और बघर में गोदाम बन चुके हैं।
इन गोदामों का नहीं हो पा रहा उपयोग
बघर गोदाम से क्षेत्र के लोगों को खाद्यान्न ले जाने में असुविधा होने के कारण क्षेत्र की सरकारी गल्ला की दुकानों को अनाज भराड़ी स्थित गोदाम से आवंटित हो रहा है। इसी तरह लोहारखेत गोदाम सड़क से दूर होने के कारण वहां गोदाम किराए के मकान में चल रहा है।
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यह गोदाम चल रहे किराए के भवनों में
कपकोट के उच्च हिमालयी क्षेत्र बदियाकोट, लीती, कर्मी, तलाई और बाछम में 100 मीट्रिक टन अनाज के क्षमता का गोदाम, भराड़ी में 500 मीट्रिक टन, हरसीला में 200 मीट्रिक टन अनाज की क्षमता वाले गोदाम अब भी किराए के ही भवन में ही चल रहे हैं। जिन भवनों में गोदाम स्थापित हैं उनमें से कई की हालत खस्ता है। सीलनभरे कमरों में अनाज के खराब होने की स्थिति बनी हुई है। बरसात में अनाज की देखभाल करने में कई बार विभाग के पसीने छूट जाते हैं।
कपकोट ब्लॉक के भराड़ी में दो हजार मीट्रिक टन अनाज की क्षमता वाले बफर गोदाम बनाने के लिए पांच नाली भूमि देखी गई है। शासन को एक साल पहले एस्टीमेट भेजा गया है। बजट मंजूर होते ही गोदाम का निर्माण शुरू हो जाएगा, जबकि अन्य गोदामों के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश चल रही है। काफलीगैर में 60 लाख रुपये से 200 मीट्रिक टन अनाज क्षमता वाले गोदाम का निर्माण प्रगति पर है।
जेएस कंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी बागेश्वर।
पूर्ति विभाग भवनहीन खाद्यान्न गोदामों के निर्माण के लिए जल्द भूमि तलाश कर शासन को एस्टीमेट भेजे। शासन से बजट दिलाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
बलवंत सिंह भौर्याल, विधायक कपकोट।
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मालूम हो कि जिले में कुल 16 सरकारी अनाज के गोदाम हैं। इनमें से 500-500 मीट्रिक टन अनाज की क्षमता के बागेश्वर और गरुड़, 300 मीट्रिक टन कांडा, 200- 200 मीट्रिक टन काफली, उगियां, लोहारखेत और शामा, 100 मीट्रिक टन अनाज की क्षमता के गोगिना मल्खाडुंगर्चा, खाती और बघर में गोदाम बन चुके हैं।
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इन गोदामों का नहीं हो पा रहा उपयोग
बघर गोदाम से क्षेत्र के लोगों को खाद्यान्न ले जाने में असुविधा होने के कारण क्षेत्र की सरकारी गल्ला की दुकानों को अनाज भराड़ी स्थित गोदाम से आवंटित हो रहा है। इसी तरह लोहारखेत गोदाम सड़क से दूर होने के कारण वहां गोदाम किराए के मकान में चल रहा है।
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यह गोदाम चल रहे किराए के भवनों में
कपकोट के उच्च हिमालयी क्षेत्र बदियाकोट, लीती, कर्मी, तलाई और बाछम में 100 मीट्रिक टन अनाज के क्षमता का गोदाम, भराड़ी में 500 मीट्रिक टन, हरसीला में 200 मीट्रिक टन अनाज की क्षमता वाले गोदाम अब भी किराए के ही भवन में ही चल रहे हैं। जिन भवनों में गोदाम स्थापित हैं उनमें से कई की हालत खस्ता है। सीलनभरे कमरों में अनाज के खराब होने की स्थिति बनी हुई है। बरसात में अनाज की देखभाल करने में कई बार विभाग के पसीने छूट जाते हैं।
कपकोट ब्लॉक के भराड़ी में दो हजार मीट्रिक टन अनाज की क्षमता वाले बफर गोदाम बनाने के लिए पांच नाली भूमि देखी गई है। शासन को एक साल पहले एस्टीमेट भेजा गया है। बजट मंजूर होते ही गोदाम का निर्माण शुरू हो जाएगा, जबकि अन्य गोदामों के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश चल रही है। काफलीगैर में 60 लाख रुपये से 200 मीट्रिक टन अनाज क्षमता वाले गोदाम का निर्माण प्रगति पर है।
जेएस कंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी बागेश्वर।
पूर्ति विभाग भवनहीन खाद्यान्न गोदामों के निर्माण के लिए जल्द भूमि तलाश कर शासन को एस्टीमेट भेजे। शासन से बजट दिलाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
बलवंत सिंह भौर्याल, विधायक कपकोट।