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जिला अस्पताल से लौटी सर्पदंश पीड़ित महिला
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:18 PM IST
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बागेश्वर। सर्पदंश की पीड़ित एक महिला को परिजन अधूरे इलाज के बीच वापस ले गए। उन्होंने जिला अस्पताल में इलाज छोड़कर किसी झाड़-फूंक करने वाले की शरण ली।
शनिवार सुबह खेत में काम करते वक्त कपकोट ब्लॉक के चचई निवासी सीता देवी (27) पत्नी गोविंद राम को सांप ने काट लिया। महिला को बेहोशी के दौरे पड़ने के बाद परिजन उसे जिला अस्पताल आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दवा दी साथ ही भर्ती होने को कहा लेकिन मरीज के परिजन जिला अस्पताल से अधूरा इलाज छोड़कर चलते बने।
चिकित्सक डॉ. अब्बास ने बताया कि मरीज परिजनों ने उनकी सलाह नहीं मानी।
अंधविश्वास के वशीभूत होकर किसी झाड़-फूंक वाले के पास ले गए। हालांकि मरीज की हालत सामान्य थी। बताया कि सांप के काटने पर सरकारी अस्पतालों में उचित इलाज उपलब्ध है। अंधविश्वास के फेर में सेहत सुधरना तो दूर जान का जोखिम भी हो सकता है।
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बता दें कि कुछ समय पहले भी कपकोट में सर्पदंश की पीड़ित आशा वर्कर के अस्पताल में इलाज छोड़कर झाड़-फूंक वाले की शरण लेने की घटना प्रकाश में आई थी। इससे महिला की हालत बिगड़ गई थी। बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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शनिवार सुबह खेत में काम करते वक्त कपकोट ब्लॉक के चचई निवासी सीता देवी (27) पत्नी गोविंद राम को सांप ने काट लिया। महिला को बेहोशी के दौरे पड़ने के बाद परिजन उसे जिला अस्पताल आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दवा दी साथ ही भर्ती होने को कहा लेकिन मरीज के परिजन जिला अस्पताल से अधूरा इलाज छोड़कर चलते बने।
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चिकित्सक डॉ. अब्बास ने बताया कि मरीज परिजनों ने उनकी सलाह नहीं मानी।
अंधविश्वास के वशीभूत होकर किसी झाड़-फूंक वाले के पास ले गए। हालांकि मरीज की हालत सामान्य थी। बताया कि सांप के काटने पर सरकारी अस्पतालों में उचित इलाज उपलब्ध है। अंधविश्वास के फेर में सेहत सुधरना तो दूर जान का जोखिम भी हो सकता है।
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बता दें कि कुछ समय पहले भी कपकोट में सर्पदंश की पीड़ित आशा वर्कर के अस्पताल में इलाज छोड़कर झाड़-फूंक वाले की शरण लेने की घटना प्रकाश में आई थी। इससे महिला की हालत बिगड़ गई थी। बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।