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तरक्की के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:33 AM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति सैयद अहमद अली ने कहा कि इस युग में यदि तरक्की करनी है, तो महिलाओं को सशक्त करना होगा। क्योंकि महिलाओं की तरक्की में ही समाज और देश की तरक्की का राज छिपा हुआ है।
शहर के सुमंगलम उत्सव मंडल में रविवार को शेक हैंड सोसाइटी ने समाज में कामकाजी महिलाओं की भूमिका विषय पर सेमिनार आयोजित की। एएमयू के उपकुलपति सैयद अहमद अली ने विचार व्यक्त करते आगे कहा कि यदि हमने अपनी बेटियों की देखभाल, उनकी परवरिश ठीक ढंग से नहीं की, तो हम पिछड़ जाएंगे।
उन्होंने छात्राओं को एएमयू के प्रति प्रेरित करते कहा कि यूनीवर्सिटी ने लड़कियों के लिए खासतौर पर नया छात्रावास बनाया है और बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। डा.रवाब अंजुम ने कहा कि अल्लाह ने अपनी किताब में पहला हुक्म पढ़ने का दिया है। हमारी बेटियां पढ़ी लिखी होंगी, तो समाज से बुराई दूर होगी।
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लेकिन हम शिक्षा के महत्व को समझ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से बिना भेदभाव बेटा और बेटी की परवरिश एक समान करने की अपील की। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं इदरीसा खातून ने संपत्ति का एक हिस्सा सोसाइटी को दान देने का आश्वासन दिया।
सेमिनार में डा.मिस्बाह, आदिल अब्बासी, आसिफा आलमी, आसिफ कुरैशी, सरताज आलम, अली हसनैन नकवी, डा.एमए नोमानी, हसन अब्बास, जफर कमाल आदि मौजूद रहे।
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शहर के सुमंगलम उत्सव मंडल में रविवार को शेक हैंड सोसाइटी ने समाज में कामकाजी महिलाओं की भूमिका विषय पर सेमिनार आयोजित की। एएमयू के उपकुलपति सैयद अहमद अली ने विचार व्यक्त करते आगे कहा कि यदि हमने अपनी बेटियों की देखभाल, उनकी परवरिश ठीक ढंग से नहीं की, तो हम पिछड़ जाएंगे।
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उन्होंने छात्राओं को एएमयू के प्रति प्रेरित करते कहा कि यूनीवर्सिटी ने लड़कियों के लिए खासतौर पर नया छात्रावास बनाया है और बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। डा.रवाब अंजुम ने कहा कि अल्लाह ने अपनी किताब में पहला हुक्म पढ़ने का दिया है। हमारी बेटियां पढ़ी लिखी होंगी, तो समाज से बुराई दूर होगी।
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लेकिन हम शिक्षा के महत्व को समझ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से बिना भेदभाव बेटा और बेटी की परवरिश एक समान करने की अपील की। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं इदरीसा खातून ने संपत्ति का एक हिस्सा सोसाइटी को दान देने का आश्वासन दिया।
सेमिनार में डा.मिस्बाह, आदिल अब्बासी, आसिफा आलमी, आसिफ कुरैशी, सरताज आलम, अली हसनैन नकवी, डा.एमए नोमानी, हसन अब्बास, जफर कमाल आदि मौजूद रहे।