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25 वर्ष पुराने लूट के मामले में तीन वर्ष की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 16 Feb 2016 12:14 AM IST
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सीजेएम ने 25 वर्ष पहले प्रथमा बैंक के शाखा प्रबंधक से हुई पचास हजार रुपये की लूट के मामले में गजरौला के बदमाश को तीन वर्ष की कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव मूढ़ाखेड़ा स्थित प्रथमा बैंक के शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश वर्मा ने सात जनवरी 1991 को अपने खाते से किसी काम के लिए पचास हजार रुपये निकाले थे और दोपहर के समय कार से अमरोहा की तरफ जा रहे थे।
भैंड़ाभरतपुर गांव के मोड़ पर बाइक सवार बदमाश ने कार को ओवरटेक करके रोक लिया और उनको तमंचे से धमकाकर 50 हजार की नगदी लूटकर फरार हो गए। नौगावां थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई थी। कुछ समय बाद पुलिस ने राजपाल पुत्र थान सिंह निवासी कुमराला थाना गजरौला को गिरफ्तार कर लूट का खुलासा किया था।
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कुछ समय बाद राजपाल जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गया था। सोमवार को सीजेएम राजेश कुमार ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन अधिकारी विनय भारद्वाज और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद राजपाल पर लूट का दोष सिद्घ करते उसे तीन वर्ष की कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव मूढ़ाखेड़ा स्थित प्रथमा बैंक के शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश वर्मा ने सात जनवरी 1991 को अपने खाते से किसी काम के लिए पचास हजार रुपये निकाले थे और दोपहर के समय कार से अमरोहा की तरफ जा रहे थे।
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भैंड़ाभरतपुर गांव के मोड़ पर बाइक सवार बदमाश ने कार को ओवरटेक करके रोक लिया और उनको तमंचे से धमकाकर 50 हजार की नगदी लूटकर फरार हो गए। नौगावां थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई थी। कुछ समय बाद पुलिस ने राजपाल पुत्र थान सिंह निवासी कुमराला थाना गजरौला को गिरफ्तार कर लूट का खुलासा किया था।
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कुछ समय बाद राजपाल जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गया था। सोमवार को सीजेएम राजेश कुमार ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन अधिकारी विनय भारद्वाज और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद राजपाल पर लूट का दोष सिद्घ करते उसे तीन वर्ष की कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।