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मझोला गन्ना क्रय केंद्र पर किसानों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 31 Dec 2015 12:12 AM IST
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गांव में अभी तक गन्ना क्रय केंद्र नहीं खोले जाने से खफा दरियापुर बुजुर्ग के ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। वे सुबह पड़ोस के गांव मझोला में स्थित क्रय केंद्र पर पहुंच गए। यहां ग्रामीण धरने पर बैठ गए और गन्ने की तौल रोक दी। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
मझोला गांव में मलेशिया शुगर मिल धनौरा का क्रय केंद्र खोला गया है। इस क्रय केंद्र पर मझोला समेत गांव फोन्दापुर, बारसाबाद व दरियापुर बुजुर्ग के किसानों का गन्ना तौला जाता है।
दरियापुर बुजुर्ग के किसान लंबे समय से अपने ही गांव में क्रय केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी नहीं हुई। इससे गुस्साए दरियापुर बुजुर्ग के किसान बुधवार सुबह मझोला स्थित गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंचे।
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गुस्साए किसानों ने क्रय केंद्र के कांटे पर तौल रोक दी और क्रय केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि उनके गांव से सबसे अधिक गन्ना आता है।
वहीं मझोला क्रय केंद्र पर सौतेला व्यवहार किया जाता है, किसान शाम पांच बजे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद कांटे की डंडी वापस कर अपने गांव लौट गए। धरने में रविंद्र सिंह, प्रशांत चौधरी, जसवंत यादव रहे।
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मझोला गांव में मलेशिया शुगर मिल धनौरा का क्रय केंद्र खोला गया है। इस क्रय केंद्र पर मझोला समेत गांव फोन्दापुर, बारसाबाद व दरियापुर बुजुर्ग के किसानों का गन्ना तौला जाता है।
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दरियापुर बुजुर्ग के किसान लंबे समय से अपने ही गांव में क्रय केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी नहीं हुई। इससे गुस्साए दरियापुर बुजुर्ग के किसान बुधवार सुबह मझोला स्थित गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंचे।
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गुस्साए किसानों ने क्रय केंद्र के कांटे पर तौल रोक दी और क्रय केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि उनके गांव से सबसे अधिक गन्ना आता है।
वहीं मझोला क्रय केंद्र पर सौतेला व्यवहार किया जाता है, किसान शाम पांच बजे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद कांटे की डंडी वापस कर अपने गांव लौट गए। धरने में रविंद्र सिंह, प्रशांत चौधरी, जसवंत यादव रहे।