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ट्रैंक्युलाइज कर कुएं से बाहर निकाला तेंदुआ
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Mon, 22 Feb 2016 12:22 AM IST
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एक्सपर्ट पहले बिना ट्रैंक्युलाइज किए तेंदुए को बाहर निकालने की मशक्कत
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करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिलने पर ट्रैंक्युलाइज करने के बाद उसे
पिंजड़े के द्वारा शनिवार की आधी रात के बाद कुएं से बाहर निकाला जा सका।
फिलहाल तेंदुए को अमानगढ़ (बिजनौर) के जंगलों में छोड़ दिया गया है।
शनिवार की दोपहर लगभग एक बजे थाना क्षेत्र के गांव डींगरा निवासी अरविंद शर्मा को अपने खेत में स्थित लगभग 30 फिट गहरे कुएं में तेंदुआ दिखाई दिया था। तेंदुआ दिखाई देने पर हजारों की संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।
भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी थीं। इसके बाद कुएं से तेंदुआ कैसे सुरक्षित बाहर निकाला जाए, इसको लेकर मंथन शुरू हो गया था।
जिलाधिकारी वेदप्रकाश के निर्देश पर देर रात दिल्ली से ऐसे वाइल्ड लाइफ के ट्रैंक्युलाइज एक्सपर्ट डॉ. मयंक, सैमुयल सिंह और मुरादाबाद से नावेद एवं मनोज रस्तोगी को बुलाया गया। बिजनौर से ट्रैंक्युलाइजर गन भी मंगा ली गई थी। एक्सपर्ट पहले तो तेंदुए को बिना ट्रैंक्युलाइज किए बाहर निकालने के लिए मशक्कत करते रहे। इसके बाद पहले कुएं में सीढ़ी लगाई गई। सीढ़ी की दूसरे सिरे पर पिंजरा लगाया गया।
पिंजरे में दो मुर्गे भी छोड़े गए। लेकिन, तेंदुए ने कुएं से बाहर आने का कोई प्रयास नहीं किया। रात के अंधेरे के कारण भी दिक्कतें आती रहीं।
वन क्षेत्राधिकारी इकबाल खां ने बताया कि रविवार की तड़के लगभग तीन बजे पिंजरे में बैठकर एक्सपर्ट नीचे उतरे और तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज गन से बेहोश कर बाहर निकाला गया।
टीम के लोग तेंदुए को अपने साथ ले गए और अमानगढ़ वन क्षेत्र में छोड़ दिया। रेंजर ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ बेहद खूंखार था। पिंजरे में आने कुछ घंटे बाद ही दहाड़ने लगा था।
शनिवार की दोपहर लगभग एक बजे थाना क्षेत्र के गांव डींगरा निवासी अरविंद शर्मा को अपने खेत में स्थित लगभग 30 फिट गहरे कुएं में तेंदुआ दिखाई दिया था। तेंदुआ दिखाई देने पर हजारों की संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।
भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी थीं। इसके बाद कुएं से तेंदुआ कैसे सुरक्षित बाहर निकाला जाए, इसको लेकर मंथन शुरू हो गया था।
जिलाधिकारी वेदप्रकाश के निर्देश पर देर रात दिल्ली से ऐसे वाइल्ड लाइफ के ट्रैंक्युलाइज एक्सपर्ट डॉ. मयंक, सैमुयल सिंह और मुरादाबाद से नावेद एवं मनोज रस्तोगी को बुलाया गया। बिजनौर से ट्रैंक्युलाइजर गन भी मंगा ली गई थी। एक्सपर्ट पहले तो तेंदुए को बिना ट्रैंक्युलाइज किए बाहर निकालने के लिए मशक्कत करते रहे। इसके बाद पहले कुएं में सीढ़ी लगाई गई। सीढ़ी की दूसरे सिरे पर पिंजरा लगाया गया।
पिंजरे में दो मुर्गे भी छोड़े गए। लेकिन, तेंदुए ने कुएं से बाहर आने का कोई प्रयास नहीं किया। रात के अंधेरे के कारण भी दिक्कतें आती रहीं।
वन क्षेत्राधिकारी इकबाल खां ने बताया कि रविवार की तड़के लगभग तीन बजे पिंजरे में बैठकर एक्सपर्ट नीचे उतरे और तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज गन से बेहोश कर बाहर निकाला गया।
टीम के लोग तेंदुए को अपने साथ ले गए और अमानगढ़ वन क्षेत्र में छोड़ दिया। रेंजर ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ बेहद खूंखार था। पिंजरे में आने कुछ घंटे बाद ही दहाड़ने लगा था।